दूसरे साल भी नहीं होगी 'धणी की भविष्यवाणी

 

अक्षय तृतीया के दिन मौसम और देश के भविष्य को लेकर होता है धार्मिक अनुष्ठान

By: Nandkishor Sharma

Published: 04 May 2021, 10:53 PM IST

जोधपुर. देश की राजनीतिक उथल पुथल और मारवाड़ में मानसून की स्थिति को लेकर जोधपुर में हर साल अक्षय तृतीया पर होने वाला पारम्परिक धार्मिक अनुष्ठान 'धणीÓ और उसकी भविष्यवाणी इस बार भी नहीं हो पाएगी। दशकों से हो रहे पारम्परिक धार्मिक अनुष्ठान 'धणीÓ के दौरान बाईजी का तालाब स्थित घांचियों की बगेची में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। लेकिन इस बार घांची समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली घांची महासभा ने कोविड़ की दूसरी लहर से विकराल स्थिति को देखते हुए समाज के भवन और न्याति नोहरे में किसी भी तरह के खुशी और शोक संबंधी आयोजन पर पहले ही रोक लगा दी है। घांची महासभा के पूर्व महासचिव राजेन्द्र भाटी ने बताया कि सोजतिया बास मौहल्ला विकास समिति जोधपुर के तत्वावधान में बाईजी का तालाब घांचियों की बगेची में 14मई आखातीज को पारम्परिक अनुष्ठान 'धणीÓ नहींं करने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है गत वर्ष 2020 में भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया जा सका था। समिति अध्यक्ष नैनुराम राठौड़ ने बताया कि समाज की ओर से विवाह जैसे तयशुदा आयोजनों को भी स्थगित करने की अपील और मुहिम शुरू की गई है जिसके सकारात्मक परिणाम आने लगे है।

Nandkishor Sharma Desk
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