
जोधपुर में जयकारों के बीच प्रतिकात्मक जगन्नाथ रथ यात्रा
जोधपुर. मधुकेश्वर महादेव मन्दिर ट्रस्ट की ओर से मंगलवार सुबह बासनी मधुवन क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का प्रतिकात्मक आयोजन मंदिर परिसर में ही किया गया। वैश्विक महामारी को देखते हुए राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने आभासी रथ यात्रा के दर्शन किए। गत आठ वर्षों से पुरी में जगन्नाथ की तर्ज पर मधुकेश्वर महादेव मन्दिर ट्रस्ट की ओर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा हैं। लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से प्रतिकात्मक रथ यात्रा का आयोजन किया गया। रथ संचालन समिति के आशुतोष दाधीच ने बताया कि मन्दिर के प्रमुख पुजारी राजेन्द्र प्रसाद दाधीच के सानिध्य में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं बलभद्र भगवान की रथ यात्रा को जयकारों के बीच मन्दिर प्रांगण में निकाला गया। सीमित श्रद्धालुओं को मास्क, सामाजिक दूरी और थर्मल स्केनिंग जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रतिकात्मक रथ यात्रा दर्शन के बाद पुन: मंदिर परिसर में विराजित किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी 9 दिनों तक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र देव एवं माता सुभद्रा अपने मौसी के घर पर विश्राम करेंगे।
हर साल शामिल होते है क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु
मधुकेश्वर महादेव मन्दिर ट्रस्ट की ओर से बासनी मधुवन क्षेत्र में हर साल आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते रहे है। रथयात्रा की तैयारियां करीब 15 दिन पहले से ही शुरू होने लगती है। भगवान के रथ को विशाल रस्से से खींचने के लिए महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है लेकिन इस बार कोरोनाकाल के कारण यह उत्साह नजर नहीं आया। मधुवन क्षेत्र में निवासरत उड़ीसा मूल के निवासियों की ओर से हर साल भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा तथा बलभद्र देव को विधिवत पूजन कर रथ में विराजित किया जाता है। क्षेत्र में रहने वाले विभिन्न समुदाय के प्रबुद्धजनों का सहयोग व सहभागिता होने से लोगों में उत्साह रहता है। रथ यात्रा का जगह जगह स्वागत और भक्तों की शीतल पेय से मनुहार होती है लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण क्षेत्र के लोग अनूठे नजारे को देखने से वंचित रहे।
Published on:
23 Jun 2020 11:30 pm
