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ज़ोधपुर में जातरुओं की आस्था का ज्वार

. मेला स्थगित फिर भी पहुंच चुका आस्था का का रैला
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ज़ोधपुर में जातरुओं की आस्था का ज्वार

कोरोना में मनोकामना के धागे...जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर परिसर में इन दिनों प्रदेश के कोने-कोने और पड़ौसी राज्यों से जातरुओं का सैलाब सा उमडऩे लगा है। मंदिर परिसर में आस्था की प्रतीक परचानाडी में जातरुओं के स्नान पर प्रतिबंध होने के कारण जातरू मनौति के धागे बांध कर 'बाबाÓ से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते नजर आते है। फोटो-एसके मुन्ना

जोधपुर. लोकदेवता बाबा रामदेव के समाधि स्थल रामदेवरा और मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर में इस बार 8 सितम्बर से अंतरराज्यीय मेला स्थगित करने की घोषणा के बावजूद आस्था का ज्वार थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना करीब 15 से 20 हजार जातरू जोधपुर पहुंच रहे है। पिछले एक सप्ताह में करीब 2 लाख जातरू रामदेवरा में दर्शन के लिए पुन: जोधपुर लौटने का क्रम भी शुरू हो चुका है।

मसूरिया में 24 घंटे पहुंच रहे जातरू
मसूरिया बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर में 24 घंटे लगातार जातरुओं के पहुंचने का क्रम बना हुआ है। लोक देवता बाबा रामदेव के प्रति गहरी आस्था के चलते प्रदेश के कोने-कोने व पड़ौसी राज्य मध्यप्रदेश, गुजरात से सैकड़ों किमी पैदल, बसों, जीपों, जुगाड़ व बसों से सफर तय कर जोधपुर पहुंचने वाले जातरुओं में एकमात्र चाहत रूणीचा धाम दर्शन करना मात्र है। रामदेवरा जाने वाले सभी मार्ग जातरुओं से गुलजार है। कई जगहों पर जातरू खुद के लाए डीजे पर भक्ति गीतों पर झूमते भी नजर आने लगे है। मसूरिया मंदिर परिसर में परचानाडी में स्नान बंद होने के बावजूद जातरू मन्नत के धागे बांधते नजर आ रहे है। स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से जातरुओं के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था शुरू की गई है। मध्यप्रदेश के जावद से आए जातरुओं के समूह के राकेश ने बताया कि भले ही कोविड गाइड लाइन के कारण रामदेवरा मंदिर के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाए लेकिन रूणीचा धाम की ध्वजा के दर्शन मात्र भी हो जाए तो भी हमारी यात्रा सफल हो जाएगी।

मूलभूत सुविधा का अभाव, फिर भी दर्शन के प्रति उत्साह

बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों में भी दर्शन का जुनून कम नहीं है। सिर पर गठरी, हाथ में बाबा रामदेव अंकित ध्वजा, नंगे पैरों में छालों और सूजन और भोजन पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव बावजूद बाबा के जातरुओं में जोश और उत्साह बरकरार है। जिला प्रशासन की ओर से भी अभी तक जातरुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। जर्जर रास्ते में अपार समस्याओं के बावजूद बाबा के समाधि मंदिर के दर्शन की चाहत उनका हौसला बढ़ाती है।

विद्याशाला किला रोड पर जाम की स्थिति
रामदेवरा में दर्शन करने के बाद पैदल यात्रियों व यात्री बसों व अन्य वाहनों के लौटने का सिलसिला भी आरंभ हो गया है। वाहनों में आने वाले जातरू मेहरानगढ़ व जोधपुर के अन्य पर्यटक स्थल देखने की चाहत में जोधपुर पहुंचने के दौरान कई जगहों पर जाम की स्थिति बन रही है। विद्याशाला किला रोड पर जातरुओं के वाहनों के कारण जाम की स्थिति बन रही है लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है।

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