
jodhpur
जोधपुर।जिले के बजरी ट्रक चालक
ट्रकों में 9 टन के बजाय 12 टन बजरी भरने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि हाईकोर्ट
ने ट्रक चालकों के लिए 9 टन बजरी भरकर परिवहन करने के आदेश जारी किए हुए
हैं।
अपनी मांग पर अड़े जिले के करीब 30 फीसदी ट्रक चालक मंगलवार से
हड़ताल पर हैं। उधर, ट्रक चालकों की हड़ताल की आड़ में शहर के बजरी बिक्रेताओं ने
मनमाना दाम वसूलना शुरू कर दिया है। खान विभाग व जिला प्रशासन ने हड़ताल पर चल रहे
ट्रक चालकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बुधवार शाम तक हड़ताल जारी
थी।
यह है मामला
दिसम्बर 2014 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने
वाहनों की ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए थे, जिसके तहत 6 चक्का ट्रक 9 टन व
दस चक्का ट्रक 16 टन बजरी का ही परिवहन कर सकता है। उच्च न्यायालय ने इसकी सख्ती से
पालना कराने के आदेश दिए थे।
इसके बाद खान विभाग ने बजरी ठेकेदार के
द्वारा नाकों पर कांटे लगवा दिए। फिलहाल डांगियावास, बिरामी व पिथासनी नाकों पर
कांटे लगाए गए हैं। डांगियावास वाले कांटे पर ट्रकों में निर्घारित 9 व 16 टन बजरी
ही ले जाने दी जा रही है। इसके चलते डांगियावास की तरफ के करीब 30 फीसदी (करीब
70-75 ट्रक) ट्रक चालक हड़ताल पर हैं।
हड़ताल की आड़ में बढ़ा दिए
दाम
कुछ बजरी ट्रक चालकों के हड़ताल पर जाने से शहर के बजरी विक्रेताओं
ने बजरी के दाम बढ़ा दिए हैं। मंगलवार को एक ट्रैक्टर बजरी 1400 रूपए के बजाय 1800
रूपए में और एक डम्पर बजरी 4000 रूपए के बजाय करीब 4500 रूपए में बिकी। जो लोग भवन
निर्माण करवा रहे हैं, उन्हें इससे परेशानी हो रही है। निर्माण की लागत बहुत बढ़ गई
है।
हर साल ढाई करोड़ की चपत
असल में नियमानुसार छह चक्का ट्रक
में 9 टन व दस चक्का ट्रक में 16 टन बजरी का ही परिवहन किया जा सकता है, लेकिन
हकीकत में जहां कांटे नहीं लगे हैं, वहां निर्घारित से अधिक बजरी का परिवहन किया जा
रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में हर साल बजरी की ओवरलोडिंग से सरकार को करीब
ढाई करोड़ रूपए की चपत लग रही है।
ये हैं मांगें
जोधपुर के ट्रक
ऑपरेटर्स का कहना है कि उन्हें छह चक्का ट्रक में निर्घारित 9 टन के बजाय उसकी बॉडी
के बराबर करीब 12 टन बजरी भरने दी जाए। उधर, बजरी ठेकेदार, खान विभाग और जिला
प्रशासन ने ट्रक चालकों को हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर सिर्फ निर्घारित
मात्रा में बजरी परिवहन करने को कहा है।
हम तो राजस्थान उच्च न्यायालय
के ओवरलोडिंग नहीं करने के आदेशों की पालना कर रहे हैं, लेकिन ट्रक चालक छह चक्का
ट्रक में 9 टन से अधिक बजरी परिवहन करना चाहते हैं। - किशोर सिंह शेखावत, प्रबंधक,
सूर्या एसोसिएट, जोधपुर
12 टन बजरी भरने दी जाए
हम खान विभाग के
अधिकारियों व जिला कलक्टर से मिले थे और हमने ट्रक की 300 फीट यानी करीब 12 टन बजरी
भरने देने की बात कही थी। विभाग के अधिकारियों व जिला कलक्टर ने 9 टन बजरी ही भरने
देने की बात कही है। यदि बजरी ट्रकों में ओवरलोडिंग पर रोक लगा रहे हैं तो प्रशासन
को सभी अन्य वाहनों में ओवरलोडिंग रोकनी चाहिए। साथ ही अवैध बजरी खनन पर भी रोक
लगानी चाहिए। - जीतेन्द्र, ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन, जोधपुर
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
