31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कक्षा नवमीं-दसवीं को पढ़ाने का जिम्मा थर्ड ग्रेड शिक्षकों के भरोसे, वरिष्ठ अध्यापकों के पद खाली

शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दूसरी क्लासों के शिक्षकों के भरोसे रहती है। क्योंकि यहां पदवार शिक्षक नहीं लगे हुए हैं। जोधपुर मंडल के जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर जिले में 1657 वरिष्ठ अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। ये सभी वरिष्ठ अध्यापक गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व संस्कृत जैसे विषयों के हंै।

2 min read
Google source verification
third grade government teachers are teaching higher class students

कक्षा नवमीं-दसवीं को पढ़ाने का जिम्मा थर्ड ग्रेड शिक्षकों के भरोसे, वरिष्ठ अध्यापकों के पद खाली

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दूसरी क्लासों के शिक्षकों के भरोसे रहती है। क्योंकि यहां पदवार शिक्षक नहीं लगे हुए हैं। जोधपुर मंडल के जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर जिले में 1657 वरिष्ठ अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। ये सभी वरिष्ठ अध्यापक गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व संस्कृत जैसे विषयों के हंै।

इस साल भी पेपर-पेंसिल से होगी क्लैट परीक्षा, जनवरी में शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, मई में परीक्षा

ऐसा इसलिए हो रहा हैं कि शिक्षा विभाग को इन शिक्षकों का जून माह में प्रमोशन करना था, ये प्रमोशन अब तक नहीं हुआ। इस कारण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ऐसे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा तृतीय श्रेणी या अन्य विषयों के द्वितीय श्रेणी अध्यापकों व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के भरोसे है। इन चारों विषयों की डीपीसी बाकी मंडलों में पूरी हो गई है, लेकिन जोधपुर मंडल के तीन जिलों में डीपीसी होना शेष है।

जोधपुर डिस्कॉम के सेंट्रल स्टोर से सामान उठा कबाड़ में बेचा, अब अधिकारियों पर गिरेगी बिजली

वहीं जोधपुर जिले में अंग्रेजी विषयों के वरिष्ठ अध्यापकों के 107 पद रिक्त पड़े हैं। जिले में गणित के 171, विज्ञान-123 और संस्कृत-178 पद खाली पड़े है। यहां कुल 579 वरिष्ठ अध्यापकों की दरकार हंै। बाड़मेर जिले के सरकारी स्कूलों में 182 अंग्रेजी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। यहां गणित-179, संस्कृत-140 व सांइस-184 समेत कुल 685 वरिष्ठ अध्यापक और चाहिए। जैसलमेर जिले में अंग्रेजी-53, गणित-84, साइंस-149, संस्कृत-107 वरिष्ठ अध्यापकों की कमी चल रही है।

बोर्ड परीक्षाएं सिर पर
आगामी मार्च माह में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में व्याख्याताओं को कक्षा 11वीं-12वीं का श्रेष्ठ परिणाम देना है। वहीं तृतीय श्रेणी में लेवल-2 के शिक्षकों को आठवीं में अच्छा परिणाम देना है, शिक्षा विभाग में बोर्ड परीक्षाओं में न्यूनतम परिणाम देने वाले शिक्षकों को चार्जशीट देने तक का प्रावधान है। ऐसे में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं में अध्यापन करवाना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है।

लुटेरी दुल्हन को पकडऩे के लिए पुलिस वाले बने बाराती, 4 राज्यों में ठगी कर चुका है यह गिरोह

इनका कहना
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने संतान संबंधी घोषणा की सूचना चाही है। डीपीसी तिथि का निर्धारण आयोग से होगा।
- प्रेमचंद सांखला, कार्यवाहक संयुक्त निदेशक, जोधपुर मंडल, शिक्षा विभाग

Story Loader