
जोधपुर की सडक़ों का दम घोंटने वाली यह है तीन प्रमुख वजह
जोधपुर.
प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर जोधपुर। संस्कृति और कला की राजधानी भी है। ब्लूसिटी और सनसिटी के साथ न जाने कितने नामों से जाना जाता है। लेकिन बिगड़ता ट्रैफिक, संकरी होती सडक़ें इसकी रफ्तार थाम देती है। यहां जिंदगियों को फिर रफ्तार देने के लिए कई सरकारी प्रोजेक्ट बने जो कागजों में ही अटके हैं। तीन प्रमुख राहें हैं जो यदि सुधर जाएं तो शहर की चाल-ढाल भी बदल सकती है।
1. फोटो 87 ::: तो वे सुखद यादें लेकर जाएंगे
मेहरानगढ़ के नाम से कौन वाकिफ नहीं है। जो पर्यटक हिंदुस्तान घूमने आता है वह एक बार मेहरानगढ़ किले को देखे बिना नहीं रह सकता। फिलहाल यहां तक पहुंचने के लिए संकरी राहों से होकर गुजरना पड़ता है। जो नवीन सडक़ प्रस्तावित है वह घोड़ाघाटी से किले तक है। यदि बनती है तो सुखद अनुभव मिलेगा।
यहां अटका है मामला - वन विभाग यहां निर्माण की अनुमति नहीं दे रहा। अब कंसल्टेंट हायर के लिए निर्देश दिए गए हैं। सालों से फाइल फोरेस्ट एनओसी के लिए पड़ी है।
फैक्ट फाइल
- 2.4 किमी यह नई सडक़ प्रस्तावित है।
- 1.95 किमी वन भूमि के क्षेत्राधिकार में है।
- 7 साल से यह प्रोजेक्ट कागजों में है।
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2. फोटो 88::: सोती-जागती रहती है यह सडक़
जालोरी गेट से पावटा सर्किल तक यह वैकल्पिक सडक़ पिछले तीन-चार दशकों से विकास के लिए पाइप लाइन में आई है। यह समय-समय पर सोती और जागती रहती है। इसके चौड़ा करना है ताकि शहर की मुख्य सडक़ को सहारा मिल सके।
यहां अटका है मामला - बिजली के ट्रांसफार्मर पोल, अंडरग्राउंड केबल व पाइप लाइन जैसे सालों पुराने स्ट्रक्चर हैं जो इसे चौड़ा करने में आड़े आ रहे हैं। सडक़ सीमा में अतिक्रमण भी सालों पुराने और सैकड़ों की संख्या में हैं।
फैक्ट फाइल
- 5 किलोमीटर की यह वैकल्पिक सडक़ है।
- 10 मीटर चौड़ा रोड एलाइनमेंट करना है।
- 4 विभागों मिलकर काम करना है।
- 3 दशक पुराना मामला है।
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3. फोटो 89 ::: प्रदेश की सबसे बड़ी एलिवेटेड रोड का सपना
जोधपुर के कृषि मंडी सर्किल से आखलिया सर्किल तक एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। एक हजार करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट है। यह रोड बनती है तो शहर की हार्टलाइन पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकती है। ब्लूसिटी भी दौडने लगी और सडक़ें सांस लेने लगेगी।
यहां अटका है प्रोजेक्ट - दूसरी बार डीपीआर बन रही है। जेडीए ने डीपीआर का ढांचा तीसरी बार बदला है। इस माह डीपीआर पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस सडक़ के लिए बड़ा बजट राज्य सरकार से मिलना चुनौती है।
फैक्ट फाइल
- 9 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड
- 2 बार डीपीआर बन रही
- 1 हजार करोड़ से अधिक है वास्तवित लागत
Published on:
09 Feb 2020 09:58 pm
