- बेटे के साथ मिलकर महिला के पति की हत्या करने का मामला
जोधपुर/ओसिया।
ओसियां थानान्तर्गत एकलखोरी गांव में मां व दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या करने का आरोपी पुत्र लाड प्यार में गलत राह पर आ गया था। नाना के पुत्र नहीं हैं। इकलौता दोहिता होने से वह लाडला था। इसी के चलते वह स्मैक व अन्य नशा करने लगा था। नाबालिग रहने के दौरान उसने ताऊ पर हमला किया था। जिससे उनका पांव फ्रैक्चर हो गया था। यह मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। मां के प्रति गलत सोच के चलते उसने पिता को सबक सिखाने का निर्णय किया था। मृतक की पत्नी व आरोपी पुत्र से पूछताछ में यह खुलासा हुआ।
वृत्ताधिकारी (ओसियां) मदनलाल रॉयल ने बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार एकलखोरी निवासी इमरतीदेवी उर्फ अलमा पत्नी शैतानाराम बिश्नोई, उसके पुत्र मनीष 19 और पुत्र के दोस्त कैलाश खींचड़ को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से महिला को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। जबकि पुत्र व उसका दोस्त दो-दो दिन रिमाण्ड पर हैं।
पूछताछ में सामने आया कि मृतक के ससुर के पुत्र नहीं हैं। पत्नी उसे घर जंवाई बनाकर पीहर में रखना चाहती थी, लेकिन वह राजी नहीं था। पत्नी साढ़े तीन साल से पुत्र व पुत्री को साथ लेकर पीहर में रह रही है। मृतक शैतानाराम पुत्र को कहता था कि उसकी मां सही नहीं है। इस बारे में वह पुत्र को संदेश भी भेजता था। इससे पुत्र आवेश में आ गया था और उसने मां व दोस्त के साथ मिलकर पिता शैतानाराम को सबक सिखाने की साजिश रची थी। उन्होंने गुरुवार सुबह 5-6 बजे
नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती भी रहा
मृतक के चार भाई और भी हैं। ताऊ का पांव फ्रैक्चर करने के बाद घरवालों ने मनीष को नशा मुक्ति केन्द्र में दो-तीन माह तक भर्ती भी कराया था। पिता पास में रहा था। आए दिन के झगड़ों के चलते घर के अन्य सदस्य पहले से आशंकित थे कि मनीष अपने पिता के साथ भी अनहोनी कर सकता है।