
रातानाडा गणेश मंदिर
जोधपुर. विघ्न विनाशक प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार गणपति बप्पा की इॅको फ्रेंडली मूर्तियां मोहल्लों-कॉलोनियों की जगह घरों में ही विराजित की जाएगी। रातानाडा गणेश मंदिर में शनिवार को रिद्धि-सिद्धि सहित गणपति प्रतिमा का विशेष शृंगार कर 51 किलो मोदक, पंचमेवा और मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाया जाएगा। मंदिर के कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया की केवल पुजारियों की ओर से सुबह 5.15 बजे आरती के बाद 9.15 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। मंदिर के कमकिशोर, शिवशंकर, नरेश और महेश अबोटी ने शहरवासियों से गणेश चतुर्थी घरों में ही मनाने की अपील की है। कोरोना महामारी के कारण गणेश मंदिर के पट पूरी तरह बंद रहेंगे। पुजारियों ने शीतला माता कागा तीर्थ ट्रस्ट की ओर से शीतला मंदिर परिसर में स्थित अष्ट विनायक मंदिर में अभिषेक पूजन कर शृंगार किया जाएगा। मंदिर के कुलदीप गहलोत ने बताया की दर्शनार्थियों को प्रवेश बंद रहेगा। महाराष्ट्र समाज की ओर से 115 वां गणेशोत्सव शास्त्रीनगर डी सेक्टर स्थित समाज के भवन में सादगी से मनाया जाएगा। महाराष्ट्र समाज के सचिव अजय सोहोनी ने बताया की इस बार समाज की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व नाट्य समारोह नहीं होगा लेकिन सुबह शाम आरती की जाएगी।
हर साल पांच हजार से अधिक मूर्तियां होती है स्थापित
गणपति महोत्सव के दौरान हर साल घरों व मोहल्लों में छोटी -बड़ी करीब पांच हजार मूर्तियों को स्थापित कर अनंत चतुर्दशी के दिन जोधपुर के गुलाब सागर सहित विभिन्न जलाशयों में विसर्जन किया जाता है। लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण गणपति उत्सव के लिए प्रतिमाओं का निर्माण कार्य नाम मात्र ही हो पाया है। सिवांची गेट प्रताप नगर रोड भीखा प्याऊ क्षेत्र के मूर्तिकार शंकर चौहान ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण गणपति मूर्तियों के ऑर्डर नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। शिवसेना से जुड़े वरिष्ठ सदस्य वीरेन्द्रदेव अवस्थी ने बताया की जालोरीगेट पर गणपति की एकमात्र मुख्य प्रतिमा को लघु स्वरूप में स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
Published on:
20 Aug 2020 07:50 pm
