
तीन बार तलाक कहने वाले को 40 हजार के मुचलके पर मिली जमानत
जोधपुर. महिला उत्पीडऩ के खिलाफ बनी विशेष जिला न्यायालय की पीठासीन अधिकारी डॉ मनीषा चौधरी ने तीन तलाक देने वाले को 20-20 हजार के जमानत मुचलके देने पर ही जमानत का आदेश दिया। मामले के अनुसार परिवादिया गुलफाम ने 19 फरवरी 2020 को महिला पुलिस थाना पूर्व के समक्ष एक परिवाद पेश कर बताया कि उसका विवाह मोहम्मद इमरान के साथ 2014 में मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार हुआ।
कुछ समय बीतने पर उसके पति व सास ने कहा कि अभी काम धंधे कम चल रहे हैं इसलिए टैक्सी लेनी है,परिवादिया से कहा कि वह अपने पिता से कहकर टैक्सी दिलवाओ नहीं तो इमरान दूसरी शादी कर लेगा।परिवादिया के पिता की ऐसी परिस्थिति नहीं थी कि वह पति को टैक्सी दिलवा सके इस पर ससुराल वालों ने गुलफान के साथ मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया।
इसी वर्ष फरवरी में उसका पति उससे मिला तथा कहा कि वह पैसे नहीं लाती है इसलिए वह उसे तलाक-तलाक- तलाक कह तलाक देता हूं। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान के पश्चात अभियुक्त को गिरफ्तार किया।अभियुक्त ने नियमित जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय में पेश की जहां उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जिला न्यायालय में जमानत याचिका पेश कर कहा कि मामला पूरी तरह से झूठा है तथा दहेज की कभी मांग नहीं की और ना ही उसे तलाक दिया है। सरकार की ओर से नियुक्त लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को 20-20 की जमानत देने पर रिहा करने का आदेश दिया ।
Published on:
19 Jun 2020 02:55 pm
