
ठगों ने रिटायर्ड बैंककर्मी के खाते से निकाले 13.6 लाख रुपए,ठगों ने रिटायर्ड बैंककर्मी के खाते से निकाले 13.6 लाख रुपए,ठगों ने रिटायर्ड बैंककर्मी के खाते से निकाले 13.6 लाख रुपए
जोधपुर.
सदर कोतवाली थानान्तर्गत गुलाब सागर में बच्चे की गली के पास सेवानिवृत्त बैंककर्मी को गूगल पर सर्च करने से मिले बैंक के फर्जी हेल्पलाइन नम्बर पर बात करना भारी पड़ गया। जब ठग ने सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर खाते से 13.6 लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस ने सत्तर हजार रुपए स्टॉप पेमेंट कराए, लेकिन बाकी राशि ठगों ने निकाल ली।
थानाधिकारी हरीश सोलंकी ने बताया कि विजय प्रकाश पुत्र उदाराम गहलोत एक साल पहले पंजाब नेशनल बैंक से बतौर कैशियर सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पेंशन मिलती है। गत माह की पेंशन नहीं मिली तो उन्होंने तीन अगस्त को गूगल पर पीएनबी हेल्पलाइन नम्बर सर्च किए। उन्हें फर्जी नम्बर मिले। जिन्हें सही समझकर उन्होंने बात की। तब ठग ने पेंशन जमा कराने का झांसा देकर बैंक खाते की सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर ली। फिर तीन व चार अगस्त को अलग-अलग किस्तों में 13.6 लाख रुपए निकाल लिए। वृद्ध को इसका पता नहीं लग पाया।
इस बीच, फार्मा कम्पनी में कार्यरत वृद्ध के पुत्र ने बुधवार को पिता के मोबाइल में आ रहे संदेशों की जानकारी ली तो ठगी का पता लगा। दोनों तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दी।
तीन खातों में जमा हुई थी राशि, एक खाते से 70 हजार रोके
पुलिस ने सर्वप्रथम वृद्ध का बैंक खाता सील कराया। जिसमें 1.30 लाख रुपए ठगी का शिकार होने से बच गए। साइबर सैल की मदद से जिन बैंक खातों से रुपए जमा हुए उनसे ठगों का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। वृद्ध के रुपए तीन खातों में जमा हुए थे। एक खाते में 70 हजार रुपए बचे थे। जिसे स्टॉप पेमेंट करा दिया गया। परिवादी के देरी से हरकत में आने पर अन्य राशि ठग निकाल चुके थे।
ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें
पुलिस का कहना है कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन या साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदकी पुलिस स्टेशन को सूचित किया जाए। ताकि ठगों तक राशि पहुंचने से पहले वापस लौटाई जा सके। सेवानिवृत्त बैंककर्मी ने चौबीस घंटे बाद पुलिस को अवगत कराया था। जिसकी वजह से 70 हजार छोड़ अन्य राशि ठग खाते से निकाल चुके थे।
Updated on:
06 Aug 2021 12:52 am
Published on:
06 Aug 2021 12:52 am
