
वनकर्मियों को ट्रेन्क्यूलाइजिंग प्रशिक्षण
जोधपुर. संभाग के वनमंडलों में रिहायशी क्षेत्रों में घुसपैठ करने वाले हिंसक वन्यजीवों को ट्रेन्क्यूलाइजिंग कर सुरक्षित रूप से काबू करने के लिए वनकर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार से जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय परिसर में शुरू किया गया। संभाग के पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और इंदिरागांधी नहर परियोजना-स्टेज द्वितीय जैसलमेर के वनकर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान गन चलाते समय वन्यजीव से दूरी और सुरक्षा के उपाय, बेहोशी वाला इंजेक्शन तैयार करने, गन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियां, वन्यजीव से बर्ताव आदि को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संभाग के मुख्य वन संरक्षक प्रियरंजन के निर्देश पर वाइल्ड लाइफ वेटनेरी असीस्टेंट महेन्द्र गहलोत, वनकर्मी व शूटर विशेषज्ञ बंशीलाल ने प्रथम दिन प्रशिक्षण प्रदान किया। उल्लेखनीय वन्यजीव बहुल क्षेत्रों से कई पैंथर, भेडि़ए, लकड़बग्घे, सियार आदि वन्यजीव रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो जाता है। ऐसे में जोधपुर से वन्यजीव रेस्क्यू टीम पहुंचने तक विलंब होने से कई बार ग्रामीण वन्यजीव को मार देते है। हिंसक वन्यजीवों को ट्रेन्क्यूलाइजिंग कर सुरक्षित रूप से काबू करने के लिए वनकर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार से जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय परिसर में शुरू किया गया। संभाग के पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और इंदिरागांधी नहर परियोजना-स्टेज द्वितीय जैसलमेर के वनकर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान गन चलाते समय वन्यजीव से दूरी और सुरक्षा के उपाय, बेहोशी वाला इंजेक्शन तैयार करने, गन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियां, वन्यजीव से बर्ताव आदि को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संभाग के मुख्य वन संरक्षक प्रियरंजन के निर्देश पर वाइल्ड लाइफ वेटनेरी असीस्टेंट महेन्द्र गहलोत, वनकर्मी व शूटर विशेषज्ञ बंशीलाल ने प्रथम दिन प्रशिक्षण प्रदान किया। उल्लेखनीय वन्यजीव बहुल क्षेत्रों से कई पैंथर, भेडि़ए, लकड़बग्घे, सियार आदि वन्यजीव रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो जाता है। ऐसे में जोधपुर से वन्यजीव रेस्क्यू टीम पहुंचने तक विलंब होने से कई बार ग्रामीण वन्यजीव को मार देते है।
Published on:
15 Jul 2020 11:04 pm
