
एफआइआर दर्ज करने में लगाए चौबीस घंटे, आरोपी का सुराग नहीं
जोधपुर.
एफआइआर दर्ज न करने की प्रवृत्ति को दूर करने के लिए राज्य सरकार व पुलिस मुख्यालय ने फ्री रजिस्ट्रेशन यानि थाने में आने वाली हर शिकायत की एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन जिले के बाप थानान्तर्गत टेकरा गांव में शराब की ब्रांच को पेट्रोल डालकर आग लगाने के पच्चीस घंटे बाद डकैती में एफआइआर दर्ज की गई। दुकानदार के तीन बार थाने जाकर लिखित में शिकायत देने के बावजूद पुलिस टरकाती रही। उधर, दुकान में आग लगाने वाले युवक का आरोपी रविवार रात तक कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस का कहना है कि रातभर उसकी तलाश की गई, लेकिन वो पकड़ में नहीं आया।
डकैती की धारा में मामला दर्ज
गौरतलब है कि शनिवार शाम ५.३० बजे टेकरा गांव में शराब की ब्रांच को पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इस संबंध में रविवार शाम सात बजे मामला दर्ज किया गया। गिंगाला निवासी भूपेन्द्रसिंह, टेकरा निवासी दुर्गाराम मेघवाल, जेठाराम व छगनाराम उर्फ छुनियां मेघवाल व तीन अन्य के खिलाफ मारपीट, बंधक बनाने, दुकान में आग लगाने व डकैती की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
शिकायत बदलने का दबाव डाल रही पुलिस
सरपंच पुत्र शैतानसिंह का कहना है कि दुकान मालिक अजयपालसिंह ने रविवार को थाने में भूपेन्द्रसिंह सहित चार नामजद व तीन अन्य के खिलाफ लिखित शिकायत दी। जिसमें दुकान को आग लगाने व गल्ले से ११ हजार रुपए लूटने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने आरोपियों की संख्या कम लिखने व लूट की बजाय चोरी में शिकायत लेकर आने पर ही एफआइआर दर्ज करने कहकर टरका दिया।
आरोपी की तलाश जारी
थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित का कहना है कि आरोपी पकड़ में नहीं आ सका है। उसकी तलाश की जा रही है। मामला दर्ज करने के लिए दुकान मालिक को थाने बुलाया गया है। अब एफआइआर दर्ज कर ली जाएगी। परिवादी की शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी।
Updated on:
01 Mar 2020 11:45 pm
Published on:
01 Mar 2020 11:45 pm
