
अनूठा विवाह - जापानी काजुकी-केको ने जोधपुर में लिए सात फेरे
जोधपुर. विश्व जहां विभिन्न समस्याओं से त्रस्त और ग्रस्त है वहीं भारतीय जीवन शैली समूचे विश्व समुदाय को आकर्षित कर रही है। विश्व के अग्रणी और विकसित देश जापान के युगल ने अपने विवाह के लिए भारत में जोधपुर शहर का चयन किया और विधिवत मुहूर्त के बाद अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर जीवन साथी बने।
हिन्दू रीति रिवाज से हुए विवाह समारोह में दूल्हे काजूकी घोड़े पर बैठकर विवाह स्थल पहुंचे और तोरण की रस्म निभाई। बारात में शामिल काजूकी और केको के परिजन, दोस्तों सहित जोधपुर के चुनिंदा अतिथि बैण्डबाजों की धुनों पर नाचते हुए विवाह स्थल पहुंचे। सरदारपुरा स्थित मोटर मर्चेन्ट एसोसिएशन हॉल में आयोजित पाणिग्रहण संस्कार में दूल्हे काजूकी ने जब केको की मांग भरी तो समूचा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। घराती बने जोधपुर निवासी वीरेन्द्र मंजू भंडारी ने बारातियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
भंडारी दंपत्ति ने बताया कि भारतीय वैदिक सनातन संस्कारों से प्रभावित होकर जापान में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े काजूकी और केको ने भारत में विवाह का मानस बनाया और उनसे सम्पर्क कर जोधपुर में विवाह की इच्छा जाहिर की। पं. शंभुदत्त शर्मा ने पाणिग्रहण संस्कार की सभी रस्में पूरी करवाई और जापानी जोड़े ने सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया। कन्यादान की रस्म नागौर के तोलेश-संतोष खजांची ने पूरी की।
Published on:
11 Feb 2020 11:08 am
