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इस अस्पताल में जाते ही मरीज को कर देते हैं रैफर

बालेसर (जोधपुर). राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय बालेसर चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते व चिकित्सकों के अभाव में खुद बीमार है। आने वाले रोगी चिकित्सालय के चक्कर लगाकर नीम हकीमों की शरण में जाने को मजबूर हैं।
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Vacant posts of doctors in Balesar Hospital

इस अस्पताल में जाते ही मरीज को कर देते हैं रैफर

बालेसर (जोधपुर). राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय बालेसर चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते व चिकित्सकों के अभाव में खुद बीमार है। आने वाले रोगी चिकित्सालय के चक्कर लगाकर नीम हकीमों की शरण में जाने को मजबूर हैं।

बालेसर का चिकि त्सालय जोधपुर से पोकरण के बीच व बालेसर शेरगढ़ उपखंड क्षेत्र का सबसे पुराना वह बड़ा चिकित्सालय हैं लेकिन विभाग व प्रशासन की लापरवाही कहें या अनदेखी के चलते इस अस्पताल में सृजित चिकित्सको के सभी पद रिक्त पड़े हैं।

रात्रि में तो कभी बिराई, अगोलाई, केतू अस्पताल व अन्य जगह से एक से चिकित्सक बुलाकर बिठाते हैं। कई बार वह भी नहीं आने पर नर्सिंग कर्मियों के भरोसे चलता है। इस अस्पताल में कनिष्ठ विशेषज्ञ सर्जरी एक पद, कनिष्ठ विशेषज्ञ शिशु एक पद, कनिष्ठ विशेषज्ञ प्रस्तुति एक पद, कनिष्ठ विशेषज्ञ नेत्र एक पद, कनिष्ठ विशेषज्ञ निश्चेतक एक पद, कनिष्ठ विशेषज्ञ मीडियम एक पद लंबे समय से रिक्त हैं।

अस्पताल में दंत चिकित्सक के पद पर डॉ. रेखा पंवार कार्यरत हैं, डॉ नीलिमा गोस्वामी एमओ जो पद विरुद्ध यहां कार्यरत हैं, डॉ. राहुल चोपड़ा जयपुर में प्रतिनियुक्ति पर हैं जबकि वेतन इस अस्पताल से उठाते हैं। डॉ. मृदुल वासर्णिया का चामू से बालेसर में स्थानांतरण हो चुका है लेकिन अभी तक पद ग्रहण नहीं किया है।

डॉक्टर अशोक शर्मा को शेरगढ़ से बालेसर में प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है खास बात यह है कि अस्पताल का प्रभारी डॉ. दुर्गेश भाटी का बालेसर से बिराई में तबादला हो चुका है लेकिन प्रभारी का पद अभी तक उनके पास ही है।

हालत यह है कि जोधपुर से देचू पोकरण के बीच सडक़ दुर्घटना में घायल आते या कोई गंभीर बीमार आते हैं तो अस्पताल के अंदर जाने की जरूरत भी नहीं रहती। उन्हें बाहर से ही कोई डॉक्टर नहीं है, कह कर सीधा जोधपुर रैफर कर देते हैं। यहां प्रतिदिन 15 से 20 महिलाओं की डिलीवरी होती हैं लेकिन चिकित्सक के अभाव व कनिष्ठ विशेषज्ञ प्रसूति का पद रिक्त होने से नर्सिंग कर्मियों के भरोसे ही डिलीवरी करवानी पड़ती हैं।

अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ में नर्स ग्रेड प्रथम के 4 पदों में से 2 पद रिक्त हैं दो कार्यरत हैं जो अप डाउन का ज्यादा ध्यान रखते हैं। मेल नर्स द्वितीय ग्रेड में 8 पद हैं। इनमेंं 4 पद रिक्त हैं।

एनबीएसयू में 4 पदों में से एक भूपेंद्र सिंह का खुडियाला में प्रतिनियुक्ति पर लगा दिया है तथा एनसीडी में फिजियोथेरेपी चिकित्सक का अलवर प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया। पीछे एकमात्र नर्सिंग कर्मी कार्यरत हैं। नेत्र सहायक के पद पर कार्यरत उर्वशी विश्वकर्मा दोपहर बाद जोधपुर चली जाती हैं। सूचना सहायक के दोनों पद रिक्त हैं फार्मेसिस्ट का एक पद रिक्त है। यूडीसी का एक पद रिक्त है।


इनका कहना है

रिक्त पदो को भरने के लिए जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं विभाग को पत्र लिखा है,मौखिक भी बता दिया है लेकिन अभी तक आदेश नही हुए है। चामू से एक डॉक्टर का स्थानांतरण बालेसर हुआ था उसने भी कोर्ट से स्टे ले लिया है।
-डॉ. प्रीतम सांखला, खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालेसर

बालेसर सीएचसी में पद रिक्त है। मैंने विभाग व मंत्रालय को रिक्त पद भरने के लिए लिखा भी है, लेकिन आाचार संहिता लगने से कोई आदेश नही हुए। बालेसर में आवास की व्यवस्था नहीं होने से डॉक्टर यहां आने से इच्छुक कम है। इस अस्पताल में डिलीवरी भी सबसे ज्यादा होती है। अभी शेरगढ़ से डॉ अशोक शर्मा को बालेसर लगाया है। मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं कि जल्दी से जल्दी बालेसर की व्यवस्था सुधरे।
- डॉ. सुनिल बिष्ट, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

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