
वैक्सीनेशन के अप्रेल के टारगेट: हर दिन 38 हजार लोगों को लगानी होगी पहली डोज
अविनाश केवलिया. जोधपुर।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क के साथ हमारा नया साथी वैक्सीन है। लेकिन जैसे पुरानी दो आदतें भी हमने छोड़ दी, ठीक वैसे ही वैक्सीन को भी नहीं अपना रहे। इसका खामियाजा आने वाले समय में हो सकता है। राज्य सरकार ने एक दिन पहले ही पूरे प्रदेश का रिव्यू किया और चिंता जताई है कि आने वाले एक या दो सप्ताह में हालात इसी प्रकार बिगड़ते रहे तो राजस्थान को महाराष्ट्र या छत्तीसगढ़ बनते देर नहीं लगेगी। संक्रमितों की बढ़ती संख्या को रोकने में तो मास्क, सेनेटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का अहम किरदार है, लेकिन संक्रमितों में ज्यादा मृत्युदर न हो इसके लिए इसी माह दिए गए टारगेट का वैक्सीनेशन कर लेते हैं तो काफी हद तक जंग जीत सकते हैं। इसी मुद्दे पर मंडे मेगा स्टोरी...।
जोधपुर की स्थिति
एक्टिव केस: वर्तमान में जोधपुर में एक्टिव केस 1400 से ज्यादा जो कि जयपुर के बाद दूसरे स्थान पर है। पिछले एक सप्ताह में ग्रोथ रेट 1.5 प्रतिशत और पॉजीटिविटी दर 6 प्रतिशत के आस-पास पहुंच गई है जो कि चिंताजनक है।
रिकवरी रेट: वर्तमान में जोधपुर की रिकवरी रेट 96.25 प्रतिशत है जो कि प्रदेश के औसत 96.04 के आस-पास है। लेकिन लेकिन कई छोटे जिले 98 व 99 प्रतिशत रिकवरी रेट रखते हैं। चूरू की सबसे ज्यादा 98.82 प्रतिशत और प्रतापगढ़ की सबसे कम 87.5 प्रतिशत है।
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एक अच्छी बात यह
- 1364 ऑक्सीजन बैड उपलब्ध है
- 335 आइसीयू बैड है
- 223 वेंटीलेटर्स हैं जोधपुर में
- अभी एक भी उपयोग में नहीं आ रहे
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अब चुनौती यह
इसी माह 45 से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कम से कम वैक्सीन की प्रथम डोज लगानी है, जिससे कि उनमें से कुछ लोग सुपर स्प्रेडर नहीं बने और मृत्युदर को कम किया जा सके। अगले 22 दिन में वैक्सीनेशन 8 लाख से अधिक लोगों को जोधपुर में वैक्सीन लगानी है। वर्तमान में जोधपुर में 45 से अधिक उम्र के लोगों को औसत 9 हजार प्रतिदिन वैक्सीन की पहली डोज लग रही है, जबकि टारगेट पूरा करने के लिए 38 हजार से ज्यादा प्रतिदिन वैक्सीनेशन आगामी दिनों में करना होगा। जयपुर, अलवर, नागौर के बाद वैक्सीनेशन में जोधपुर का चौथा स्थान है।
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60 से अधिक उम्र के 50 प्रतिशत लोग इम्युनाइज्ड
60 से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हुए एक माह से अधिक समय हो गया है। लेकिन फिर भी जोधपुर में सिर्फ 15 प्रतिशत लोग ही पूरी तरह से इम्युनाइज्ड यानि कि दोनों डोज लगवा पाए हैं। इस मामले में राजस्थान का औसत 13.7 प्रतिशत है।
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जिलावार 60 से अधिक उम्र के इम्युनाइज्ड लोग
- डूंगरपुर 33.53
- गंगानगर 23.56
- चूरू 32.24
- बीकानेर 28.75
- बारां 20.15
- अजमेर 23.05
- बांसवाड़ा 19.75
- जैसलमेर 28.85
- कोटा 16.34
- नागौर 22.56
- राजसमंद 16.48
- सवाई माधोपुर 22.76
- प्रदेश का औसत 13.77
(आंकड़े प्रतिशत में)
Published on:
04 Apr 2021 10:59 pm
