9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मोरो में ‘रानीखेत बीमारी पर नियंत्रण में कारगर साबित हुआ वैक्सीन अभियान

  करीब 30,000 वैक्सीनेशन से मृत्यु दर पर नियंत्रण, बीमारी से प्रभावित 129 मोरों की बची जान पत्रिका फॉलोअप
less than 1 minute read
Google source verification
मोरो में 'रानीखेत  बीमारी पर नियंत्रण में कारगर साबित हुआ वैक्सीन अभियान

मोरो में 'रानीखेत बीमारी पर नियंत्रण में कारगर साबित हुआ वैक्सीन अभियान

NAND KISHORE SARASWAT

जोधपुर. जिले की सीमा से सटे पाली की रोहट तहसील के गांव भाखरीवाला के आसपास और जिले में लूणी तहसील के भटिण्डा क्षेत्र में मोरों में फैली घातक बीमारी 'रानीखेतÓ पर नियंत्रण के लिए वैक्सीन अभियान कारगर सिद्ध हुआ है। पशुपालन विभाग, पर्यावरणप्रेमी और वनविभाग के समन्वित प्रयास वैक्सीन की करीब 30 हजार डोज से मृत्यु दर पर नियंत्रण पाने में सफल रहे। बीमारी से प्रभावित 29 गंभीर मोरों का जोधपुर में इलाज कर जान बचा ली गई।

रोहट के ग्राम भाखरीवाला, सांवलता, विश्नोईयो की ढाणी एवं आसपास के क्षेत्रों में मोरों की अज्ञात बीमारी से मौतों को लेकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचारों के बाद बीमार मोरों को माचिया बायोलोजिकल पार्क स्थित वन्यजीव चिकित्सालय पहुंचाने के इंतजाम शुरू हुए। गांवो में वन्यजीव प्रेमियों के सहयोग से चुग्गा घरों, नाडियों, पानी की खेळियों, टंकियो इत्यादि मे शुद्ध ताजा मीठा पानी टैंकरों से भरवाया गया।

मृत मोरों के विसरा जांच के लिए भोपाल, बरेली भेजने के बाद रानीखेत बीमारी फैलने की पुष्टि की गई। वरिष्ठ पशु चिकित्सक राज्य कुक्कुट प्रशिक्षण संस्थान अजमेर के डॉ. आलोक खरे व क्षेत्रीय पशुपालन अधिकारियो के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लसोटा वैक्सीन जलपात्रों के माध्यम से देने से मोरों की मृत्यु दर पर अंकुश लग गया।गत 25 मई से 21 जून तक 30 हजार डोज दी गई।

इनका कहना...
रोहट तहसील व आसपास के क्षेत्रों में 24 अप्रेल से 15 जून तक 217 मोर गंभीर हालात में मिले। इनमें से 88 की मृत्यु हो गई। शेष 129 मोरों को माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय रेफर किया गया। यहां इन मोरों का उपचार कर मौत के मुंह से निकाल लिया गया।

एसआरवी मूर्ति, मुख्य वन संरक्षक, जोधपुर संभाग

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग