
युवाओं को स्मैक से बचाने आगे आए ग्रामीण, आर्थिक दंड की व्यवस्था
बिलाड़ा (जोधपुर). गांव के युवाओं में स्मैक की लत देखी... समझाइश के प्रयास किए, लेकिन नतीजा सिफर... सरपंच और प्रबुद्धजन चौपाल पर बैठे। स्मैक की बिक्री व सेवन करने पर आर्थिक दंड का निर्णय किया। साथ ही चेताया कि दो बार के आर्थिक दंड पर नहीं माने तो सीधा पुलिस को सौपेंगे। इसके लिए 11 सदस्यीय निगरानी दल भी गठित किया गया।
यह पहल जोधपुर जिले के बोयल गांव में की गई। सरपंच जयसिंह चौहान की मौजूदगी में ग्रामीणों ने एक जाजम पर बैठकर सामूहिक निर्णय किया कि गांव की सरहद में कोई स्मैक बेचते मिला तो उस पर 21 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। वही व्यक्ति फिर स्मैक की बिक्री करते पाया जाता है तो दूसरी बार 51 हजार का आर्थिक दंड वसूलेंगे, यह राशि ग्राम विकास पर खर्च होगी।
इसी तरह तय हुआ कि गांव का कोई भी व्यक्ति स्मैक का सेवन करेगा तो उससे 11 हजार रुपए की राशि और दूसरी बार में 21 हजार रुपए की राशि दंड स्वरूप ली जाएगी।
निगरानी दल
मौजिज लोगों की मौजूदगी में 11 सदस्यों का निगरानी दल गठित किया गया, जो गांव में स्मैक का सेवन और बेचने वालों पर नजर रखेंगे। यह भी निर्णय हुआ कि समिति का कोई सदस्य या ग्रामीण जानकारी के बाद भी नहीं बताएगा तो उससे 500 रुपए बतौर जुर्माना वसूलेंगे।
इन्होंने कहा
पंचायत सरहद में 20 से 25 लडक़ों में नशा करने की बुरी लत पड़ चुकी है। आए दिन घरो से चोरियां करना, राहगीरों को लूटना, पंचायत एवं सरकारी संपत्ति की चोरी कर लेना, उनकी आदत बन चुकी है। गांव के लोग परेशान हैं। ऐसे में यह सामूहिक निर्णय किया।
जयसिंह चौहान, सरपंच बोयल पंचायत
मादक पदार्थों के सेवन करने वालों एवं तस्करी करने वालों के विरुद्ध गांव के लोग अब स्वयं सामाजिक स्तर पर निर्णय लेने लगे हैं। जिसका पुलिस प्रशासन स्वागत करता है और हमेशा उनके सहयोग में तत्पर रहेगा।
मनीष देव, थाना प्रभारी, बिलाड़ा
Published on:
24 Feb 2021 11:43 pm
