9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दो रुपए किलो गेहूं के चक्कर में गंवानी पड़ रही दो दिन की मजूरी

देणोक (जोधपुर ). पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से नेटवर्क की समस्या के चलते ग्रामीणों को दो रुपये किलो गेहूं के चक्कर में दो दिन की मजदूरी से हाथ धोना पड़ रहा है।
2 min read
Google source verification
 ration shop

दो रुपए किलो गेहूं के चक्कर में गंवानी पड़ रही दो दिन की मजूरी

देणोक (जोधपुर ). पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से नेटवर्क की समस्या के चलते ग्रामीणों को दो रुपये किलो गेहूं के चक्कर में दो दिन की मजदूरी से हाथ धोना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में राशन की दुकान के आगे घंटों लाइन में खड़ा रहने के बाद भी गेहूं नहीं मिलते और निराश लौटना पड़ता है। रसद विभाग के उ"ा अधिकारियों एवं प्रशासन की लापरवाही के चलते कस्बे के ग्रामीणों का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार शिकायत भी की लेकिन आज दिन तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। लोग को गांव में दुकान के बाहर दिन भर कतार में बैठना पड़ता है। उसके बावजूद भी उनका नम्बर आएगा या नहीं इसका पता नहीं चलता।
कस्बे के रिटायर्ड सूबेदार सवाईसिंह चम्पावत ने बताया कि इन दिनों मारवाड़ में भीषण गर्मी का दौर है तथा कस्बे की ढाणियों से दस किलोमीटर का सफर तय कर राशन की दुकान से दो रुपए किलो गेहूं लेने पहुंचने वाले ग्रामीणों को गेहूं मिल जाएंगे इसका भरोसा नहीं। इन्होंने बताया कि आज कस्बे की रसद दुकान के आगे लोग सुबह से ही लाइनों में आकर लगे लेकिन दोपहर बाद नेटवर्क चालू हुआ वो भी कछुआ चाल से। प्रशासन पिछले एक सप्ताह से मौन धारे बैठा है।

महंगे पड़ते हैं दो रुपए किलो के गेहूं

लाइन में खड़े ग्रामीणों ने बताया कि कहने को मात्र दो रुपए किलो गेहूं मिल रहे हैं, क्योंकि इन्हें प्राप्त करनें के लिए परिवार के किसी एक व्यक्ति को कम से कम दो दिन लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, तब कहीं जाकर उसका नम्बर आता है। तब तक वो अपनी दो दिन की मजदूरी के एक हजार रुपए गंवा बैठता है। इस हिसाब से तो यह दो रुपए किलो के गेहूं बहुत महंगे पड़ रहे हैं। लेकिन किसी को इसकी कोई चिन्ता नहीं है। कई बार विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं रहा।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग