
ऐसा जीएलआर जो कभी भी बन सकता है हादसे का कारण
देणोक (जोधपुर). केरला ग्रामपंचायत में घरेलू जलापूर्ति के लिए पीएचईडी की ओर से दो दशक से अधिक समय पूर्व बनाया गया। जीएलआर व पशु खेळी पिछले काफी समय से हादसे को न्योता दे रहा हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई दूसरा जीएलआर नहीं बनाने से ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जीएलआर का ऊपरी हिस्सा भी पूरा ध्वस्त हो चुका है। यहां बबूल की झाडिय़ों पर रात-दिन बैठने वाले पक्षी गंदगी बिखेरते रहते हैं। उसी गंदे पानी की सप्लाई घरेलू जलापूर्ति के लिए लगी पाइपलाइनों में होने के कारण लोगों को दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा रहता हैं।
इधर, बंद पड़े जलाशय पर जताया रोष
नौसर ग्राम पंचायत मुख्यालय हरलायां स्थित सार्वजनिक नलकूप में 15 दिनों से जलापूर्ति नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने रोष जताया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण चैनाराम, श्रवण तिवाड़ी, जेठीबाई, हीराराम आदि ने बताया कि इस नलकूप पर कार्यरत पंप चालक की लापरवाही से ग्रामीण पानी की समस्या झेल रहे है। इतना ही नहीं जीएलआर के पास बनी पशु खेळी सूखी रहने सेा भीषण गर्मी के दौर में मवेशी भी प्यासे मरते नजर आते है।
इस पर ग्रामीणों ने सरपंच गीतादेवी से बात की और समस्या के समाधान की मांग की। इस पर सरपंच ने ग्रामीणों की मांग पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
... इधर तोलेसर पुरोहितान में विद्युत संकट
बालेसर क्षेत्र के तोलेसर पुरोहितान गांव में विद्युत निगम कर्मियों की कथित मनमानी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है। ग्रामीणों ने तोलेसर पुरोहितान गांव में लगे ट्रांसफार्मर पर 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगने से गांव विद्युत आपूर्ति बहुत कम वाल्टेज से मिलती है। इस ट्रांसफार्मर से ज्यादा विद्युत कनेक्शन होने से विद्युत भार बढ जाता है। इसका सीधा असर वोल्टेज पर पड़ता है। उपभोक्ताओं ने बताया कि विद्युत निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया इसके बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदल रहे है। एेसे में विद्युत संकट के चलते ग्रामीण उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है।
Published on:
28 May 2018 12:37 am
