
70 दिन तक पेट्रोलिंग के जरिये होगी पानी की रखवाली
जोधपुर.इंदिरा गांधी नहर में सबसे लम्बी नहरबंदी की आहट हो चुकी है। 22 मार्च से नहर में सिर्फ पेयजल यानि 2 हजार क्यूसेक ही पानी छोड़ा जाएगा। जिससे 9 जिलों की प्यास बुझानी है। सिर्फ जरूरत के लिए मिल रहे पानी की चोरी न हो इसके लिए 70 दिन तक प्रशासन व पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। 30 से अधिक थाना क्षेत्रों की पुलिस, जल संसाधन व पीएचइडी के साथ मिलकर पेट्रोलिंग करेगी। पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गई है।
सबसे बड़ा क्लोजर
22 मार्च से इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर शुरू होगा जो कि 28 मई तक चलेगा। इसके बाद पांच से छह दिन पानी को पंजाब से जोधपुर पहुंचने में लगेंगे।
सुरक्षा इसलिए जरूरी
नहरबंदी शुरू होने के शुरुआती 40 दिन तक 2 हजार क्यूसेक पानी मिलेगा, यानि सिर्फ पीने जितना। ऐसे में यदि बीच में कई स्थानों पर पानी चोरी हुई तो कई जिलों की पेयजल व्यवस्था बिगड़ सकती है। 20 दिन के बाद पंजाब की ओर से नहर में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान पानी का नहर में भंडारण होगा, जिसकी सुरक्षा भी पेट्रोलिंग के लिए जरिये होगी।
फैक्ट फाइल
- 70 दिन की होगी नहरबंदी
- 40 दिन तक पीने के लिए 2 हजार क्यूसेक पानी नहर में मिलता रहेगा
- 30 दिन पीछे के नहर में कोई पानी नहीं
- 15 दिन शहरी क्षेत्रों में स्टोर किए पानी से ही काम चलाना होगा
Published on:
13 Mar 2021 11:05 pm
