
rav chandrasen
जोधपुर के शासक रहे राव चन्द्रसेन ने अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए जीवन भर अकबर के साथ संघर्ष किया, उनके साथ समझौता नहीं किया। यह बात पूर्व सांसद गजसिंह ने कही।
वे मारवाड़ राजपूत सभा, वीर दुर्गादास स्मृति समिति व इंटैक जोधपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में मारवाड़ राजपूत सभा भवन में आयोजित राव चन्द्रसेन के 475वीं जयंती समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे।
पूर्व सांसद गजसिंह ने कहा कि राव चन्द्रसेन की वीरता व स्वतंत्रता व प्रेम को आज भी स्मरण करते हुए गौरव की अनुभूति होती है।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया। समारोह के मुख्य अतिथि राव हरेन्द्रसिंह बांधनवाड़ा ने मारवाड़ की स्वतन्त्रता के लिए राव चन्द्रसेन के आजीवन संघर्ष से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता बताई।
समारोह के मुख्य वक्ता प्रो. जहूर खां मेहर ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ राव चन्द्रसेन के शौर्य व संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में प्रकाश डाला । समारोह में मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा ने भी सम्बोधित किया।
समारोह में राजपूत सोसाइटी पत्रिका के 'राव चन्द्रसेन' विशेषांक का भी विमोचन किया गया।
अंत में वीर दुर्गादास स्मृति समिति के अध्यक्ष जगतसिंह राठौड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रतनसिंह चाम्पावत ने किया।
पैनोरोमा के लिए सरकार को प्रोजेक्ट भेजेगा जेडीए
समारोह के अति विशिष्ट अतिथि जेडीए चेयरमैन डॉ. महेन्द्रसिंह राठौड़ ने राव चन्द्रसेन की बहादुरी को याद करते हुए कहा कि जेडीए मसूरिया पहाड़ी पर राव चन्द्रसेन व अन्य महापुरुषों के पैनोरोमा के लिए 2 हजार गज भूमि आवंटन के लिए अब राज्य सरकार को प्रोजेक्ट भेज रहा है।
उन्होंने कहा कि जेडीए महापुरुषों को प्रेरक बनाने के लिए उनके सर्किल व मूर्ति भी स्थापित करने के प्रयास करेगा।
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