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अब जेल जाएंगे शिक्षा सचिव? हाई कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, जानें क्या है पूरा मामला

ओडिशा हाई कोर्ट ने एक कर्मचारी की रुकी हुई इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) का भुगतान न करने पर राज्य के शिक्षा सचिव के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेश की गंभीर अवमानना माना है।

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हाई कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अरविंद अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। न्यायमूर्ति दीक्षित कृष्णा श्रीपाद ने 16 जनवरी 2026 को उनकी कार्रवाई को 'अग्रेवेटेड कंटेम्प्ट' (गंभीर अवमानना) करार देते हुए 22 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। यदि तब तक कोर्ट के आदेश का पालन हो जाता है, तो कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

मामले की जड़ क्या है?

यह पूरा विवाद एक सरकारी कर्मचारी तपन कुमार पटनायक से जुड़ा है, जो उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत थे। पटनायक ने विभाग द्वारा वार्षिक इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) देने से इनकार करने के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। 30 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए विभाग को पटनायक की प्रतिनिधित्व पर 8 सप्ताह के भीतर फैसला लेने और परिणाम सूचित करने का निर्देश दिया। विभाग ने इस आदेश का पालन नहीं किया।

अवमानना याचिका और कोर्ट की नाराजगी

पटनायक ने अवमानना याचिका दायर की। 12 दिसंबर 2025 को राज्य की ओर से वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि जल्द अनुपालन होगा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 16 जनवरी को न्यायमूर्ति श्रीपाद ने कहा, अब तक अनुपालन नहीं हुआ है, इसलिए यह अग्रेवेटेड कंटेम्प्ट का मामला है। कोर्ट ने अग्रवाल (2007 बैच के आईएएस अधिकारी) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और 22 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि तब तक इंक्रीमेंट का फैसला लेकर सूचित कर दिया जाए, तो कोई जबरदस्ती नहीं होगी।

कोर्ट की टिप्पणियां

न्यायमूर्ति ने कहा, विभाग अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है, लेकिन इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील एस. Jena ने कहा कि जुलाई 2025 के स्पष्ट आदेश और दिसंबर के आश्वासन के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। राज्य पक्ष ने समय मांगा था, लेकिन कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया।