
‘बगदाराम की डेढ़ साल से लापता बेटी कब मिलेगी?’
जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने लगातार नाबालिग बालिकाएं लापता होने और गुमशुदा लोगों की समय पर तलाश नहीं होने पर राजस्थान पुलिस की मानव तस्करी निरोधक यूनिट को हाइटेक साधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस निर्मलजीत कौर व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने गुरुवार को लंबित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं में लंबे समय से प्रगति नहीं होने पर गंभीर रुख दिखाते हुए अदालत में उपस्थित मानव तस्करी निरोधी यूनिट के एडीजी अमृत कलश को कहा कि हर सुनवाई पर केवल आश्वासन देकर काम नहीं चलाया जा सकता।
दरअसल, हाईकोर्ट में इस समय नागौर और चित्तोड़गढ़ के मामलों सहित बंदी प्रत्यक्षीकरण की चार याचिकाएं लम्बित हैं जिनमें लम्बे समय से कोई प्रगति नहीं हो रही।
हाईकोर्ट ने कहा नागौर जिले के बगदाराम की नाबालिग पुत्री को गायब हुए डेढ़साल हो गया है। लगातार नाबालिग बालिकाएं गायब हो रही हैं लेकिन पुलिस उनकी तलाश पर ध्यान केन्द्रित नहीं करती।
इस पर कलश ने कहा कि मानव तस्करी विरोधी यूनिट को और हाइटेक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा यूनिट के कामकाज में और सुधार के प्रयास करेंगे ताकि गायब वृद्धजन व नाबालिग समय पर मिल सकें और ना पुलिस का समय बरबाद हो, ना ही परिजनों को मुश्किल हो।
इस पर कोर्ट ने 19 दिसम्बर को पूरी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कलश के साथ नागौर पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र माहवर, चित्तौडग़ढ़ पुलिस अधीक्षक मनोज चौधरी और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास भी थे।
Published on:
26 Oct 2018 01:32 am
