
रेगिस्तानी हवा और बिजली का एेसा है साथ...,रेगिस्तानी हवा और बिजली का एेसा है साथ...,रेगिस्तानी हवा और बिजली का एेसा है साथ...
जोधपुर. सर्द मौसम में मद्धम हो गई हवा की रफतार ने हमारे बिजली उत्पादन सिस्टम को भी प्रभावित किया है। शरद ऋतु के दौरान विंड एनर्जी का ग्राफ धरातल पर आ जाता है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। विंड एनर्जी का औसत उत्पादन एक चौथाई से भी कम रह हो गया है। पिछले दो माह से हवा की रफ्तार थमने से पश्चिमी राजस्थान के 150 से 250 एलयू तक बिजली जनरेट करने वाले विंड प्लांट 50 एलयू बिजली भी मुश्किल से जनरेट कर पा रहे हैं। इस कमी को सोलर पावर से पाटा जा रहा है।
हवा की रफ्तार
- अक्टूबर से लेकर फरवरी तक औसतन विंड स्पीड 8 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रहती है।
- इन पांच माह में विंड गस्ट यानि कि एकाएक हवा का झोंका भी 16 किमी प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होती।
- अप्रैल से लेकर अगस्त तक विंड स्पीड 13 से लेकर 21 किमी प्रति घंटा के बीच रहती है।
- इन पांच माह में विंड गस्ट 25-26 यानि कि एकाएक हवा का झोंका भी 25 से 26 किमी प्रति घंटे की रफतार का होता है।
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बिजली जनरेशन
- विंड एनर्जी का जनरेशन अक्टूबर से फरवरी के बीच औसतन प्रतिदिन 50 से 100 लाख यूनिट (एलयू) के बीच रहता है। नवम्बर में न्यूनतम 11 एलयू तक बिजली बनी है।
- अप्रैल से अगस्त माह के बीच विंड जनरेशन सबसे ज्यादा होता है। इन दिनों में औसतन 150 एलयू से अधिक बिजली प्रतिदिन बनती है। अधिकतम 400 एलयू तक बिजली जनरेशन चला जाता है।
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फैक्ट फाइल
- 4 हजार मेगावाट राजस्थान में विंड एनर्जी जनरेशन के प्लांट है।
- 25 सौ मेगावाट विंड एनजी के प्लांट पश्चिमी राजस्थान में।
- 400 लाख यूनिट से अधिक बिजली अप्रेल-मई के माह में एक दिन में बन जाती है।
- 30 से 50 लाख यूनिट इन दिनों बिजली बन रही है।
इनका कहना है...
अभी हवा की रफ्तार कम है इसलिए जनरेशन भी कम है। मार्च के बाद यह रफ्तार बढ़ती है जो अगस्त तक रहती है। मानसून सीजन के बाद अक्सर इस प्रकार विंड एनर्जी जनरेशन घटता है।
- बीपी चौहान, मुख्य अभियंता, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड।
Published on:
25 Nov 2019 09:33 pm
