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अब मातृ-बाल समितियों के कंधों पर पोषाहार सप्लाई की जिम्मेदारी

आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब मातृ बाल समितियों के जरिए होगा पोषाहार सप्लाई- एक समिति में होंगे 16 सदस्य, अभी स्वयं सहायता समूह के जरिए हो रही सप्लाई
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अब मातृ-बाल समितियों के कंधों पर पोषाहार सप्लाई की जिम्मेदारी

अब मातृ-बाल समितियों के कंधों पर पोषाहार सप्लाई की जिम्मेदारी

जोधपुर. आंगनबाड़ी केन्द्रों का प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं पूरक पोषाहार सप्लाई में मिलने वाली गड़बडिय़ों को रोकने के उद्देश्य से अब मातृ बाल समितियों का गठन किया जाएगा तथा उनके जरिए केन्द्रों पर पूरक पोषाहार की सप्लाई करवाई जाएगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए पूरक पोषाहार (नाश्ता व गरम भोजन) की आपूर्ति एवं वितरण के लिए प्रत्येक केन्द्र पर आंगनबाड़ी मातृ-बाल विकास समिति का गठन किया जाना है। इन समितियों का कार्य केन्द्रों का प्रभावी ढंग से संचालन व विकास में सहयोग करना, तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए माह में 25 दिन गरम खाना व नाश्ता उपलब्ध करवाना रहेगा।
वर्तमान में पोषाहार सप्लाई की यह हैं स्थिति
कोरोना के चलते इन दिनों केन्द्र बंद है। ऐसे में स्वयं सहायता समूहों द्वारा पूरक पोषाहार की सप्लाई बंद है। तथा केन्द्र पर पंजीकृत बच्चों को अभी तीन किलो चना दाल व ढाई किलो गेहूं पोषाहार के रूप में घर पर ही दिया जा रहा है। जिले में जोधपुर शहर सहित मंडोर, लूणी, ओसियां, बावड़ी, तिवरी, बिलाड़ा, भोपालगढ़, फलौदी, बाप, शेरगढ़, बालेसर ब्लॉक में वर्तमान में 2541 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हो रहे है। इन सभी केन्द्रों पर मातृ बाल समितियों का गठन किया जाना हैं।

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