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इनकी बनाई कलाकृतियां जर्मनी-दुबई तक पहुंची, कुछ ऐसा है Art Work

Second Income : Art Work को देश में ही नहीं विदेश में भी किया जा रहा पसंद  
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शौक से शुरू किया काम अब आय का स्रोत बना

शौक से शुरू किया काम अब आय का स्रोत बना

जोधपुर. मैं रेखा जोशी हूं। बचपन से ही Art Work का शौक था, उम्र के साथ यह और प्रगाढ़ होता गया। आर्ट वर्क का कार्य Profesional तौर पर 11 वर्ष पहले शुरू किया था। लोगों ने इतना पसंद किया कि Jodhpur में तो घर-घर में मेरा आर्ट वर्क पहुंचा ही कई एग्जिबिशन के जरिये विदेश में भी लोगों ने पसंद किया।

भगवान की तस्वीरों को सजाना
मैंने शुरुआत भगवान की तस्वीरों को सजाने से की थी। पहले परिचितों को देती थी, लेकिन बाद में लोगों का यह काम पसंद आया तो कई दुकानदारों ने भी सम्पर्क किया। इसके बाद सजावटी भगवान की तस्वीरों की फ्रेम की डिमांड बढ़ गई। सीजन में एक दिन में 40 से 50 तक तस्वीरें तैयार करते हैं।

विदेश तक गए प्रोडक्ट
मैंने तस्वीर आर्ट के साथ क्ले आर्ट व फ्लावर पॉट मेकिंग व अन्य सजावटी आइटम को भी बनाने में महारथ हासिल किया। इसकी भी लोगों में काफी डिमांड हैं। कई एग्जिबिशन में लगे प्रोडक्ट को दुबई व जर्मनी तक भी गए हैं।

इनकम मीटर
- 2-3 प्राेडक्ट महीने में निकलते थे जब शुरुआत हुई
- 10-15 प्रोडक्ट प्रतिमाह दो साल हो गई बिक्री
- 40-50 प्रोडक्ट कोरोना से पहले तक एक माह में हो जाती थी बिक्री
- 50 प्रोडक्ट तक फिर से पहुंच गया है प्रतिमाह आंकड़ा, एग्जिबिशन के कारण

रेखा के टिप्स से महिलाएं ऐसे सीख सकती हैं, 100 अंक के आधार पर..
- अपने शौक को पैशन के साथ फॉलो करना चाहिए - 20 अंक
- परिवार का सपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है - 20 अंक
- कला के क्षेत्र में एकाग्र होकर काम करना जरूरी है - 20 अंक
- सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है - 20 अंक
- अपना खुद का सर्किल बनाना और महिलाओं को प्रोत्साहन भी जरूरी - 20 अंक

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