
जोधपुर. वल्र्ड स्पाइन डे पर महात्मा गांधी अस्पताल में अस्थि रोग विभाग व जोधपुर ऑर्थोपेडिक सर्जन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर रायचंदानी ने विभाग में रीढ़ की हड्डी से सम्बन्धित बीमारियों के इलाज के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। दोनों अस्पतालों में पिछले साल रीढ़ की हड्डी के लगभग 110 आपरेशन किए जा चुके हैं। जन जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. अरुण वैश्य ने कमर दर्द से क्यों हो परेशान, जब इलाज है एकदम आसान की बात की। डॉ. महेश भाटी ने बताया कि आजकल गर्दन दर्द की मुख्य वजह मोबाइल का अत्यधिक उपयोग है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़, उप प्रधानाचार्य डॉ. रीता मीणा, एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. एमके आसेरी, एमजीएच अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास व जोस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव सिवाच मौजूद थे।
ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक शुरू
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग ने महात्मा गांधी अस्पताल और मथुरादास माथुर अस्पताल में अपनी सुपरस्पेशलिटी क्लिनिक शुरू कर दी है। इस क्लिनिक के तहत सप्ताह में चार दिन यानी के मंगलवार से शुक्रवार तक दोपहर १ से २ बजे तक सुपरस्पेशलिटी क्लिनिक संचालित होगी। इसमें अलग-अलग दिन विभिन्न तरह की सुपरस्पेशलिटी सेवाएं मिलेंगी। ये सेवाएं बुधवार से प्रभावी हो जाएंगी।
घुटने बदलने संबंधित सुझाव व परामर्श भी दिए जाएंगे
ऑर्थोपेडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर रायचंदानी ने बताया कि दोनों ही अस्पतालों की सुपरस्पेशलिटी क्लिनिक ऑर्थोपेडिक विभाग की आउटडोर के पास ही संचालित होगी। इसके लिए कमरे भी डवलप कर दिए गए हैं। इसमें मंगलवार को कमर दर्द, गर्दन दर्द, बुधवार को गठिया , जिसमें घुटने घिसने की समस्या के मरीज, कूल्हे घिसने और कंधे आदि समस्याएं लेकर आ सकेंगे। साथ ही उन्हें घुटने बदलने संबंधित सुझाव व परामर्श भी दिए जाएंगे। गुरुवार को स्पोर्ट्स इंजरी के मरीजों के लिए क्लिनिक रहेगी। इसी तरह शुक्रवार को एमजीएच में हाथ की इंजरी व एमडीएम अस्पताल में पांव की इंजरी के मरीज आ सकेंगे। जिसमें विकलांगता आदि के मरीज सम्मिलित होंगे।