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पूरे परिवार को रोगों से मुक्ति रखने यम का होता है पूजन

  धनतेरस को लंबी आयु के लिए आज होता है देहरी पर दीपदान
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पूरे परिवार को रोगों से मुक्ति रखने यम का होता है पूजन

पूरे परिवार को रोगों से मुक्ति रखने यम का होता है पूजन

जोधपुर. कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी धन त्रयोदशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन धन के देवता कुबेर और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का विशेष महत्व है। इसी दिन सागर मंथन के दौरान भगवान धनवंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। अत: इस दिन धनवंतरि जयंती मनाई जाती है। स्वास्थ्य व दीर्घायु रहने के लिए धनवन्तरि पूजन किया जाता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार पर एक दीपक जलाकर रखा जाता है। आज के दिन अपने सामथ्र्य के अनुसार किसी भी रूप में चांदी एवं अन्य धन खरीदना अति शुभ माना जाता है।

अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए दीपदान
धन संपत्ति की प्राप्ति के लिए कुबेर देवता के लिए घर के पूजा स्थल पर दीप दान तथा मृत्यु के देवता यमराज के लिए मुख्य द्वार पर दीप दान किया जाता है। इससे अकाल मृत्यु से रक्षा होती है। व्यापारी वर्ग के लिए इस दिन बहीखाते खरीदने का महत्व है। मुख्य द्वार पर दीप दान कर मृत्यु के देवता यम से पूरे परिवार के लिए रोग-शोक से मुक्त रखने की कामना की जाती है। चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान के लिए धन त्रयोदशी शुभ माना गया है। अधिकांश आयुर्वेदिक औषधियां इस दिन निर्माण के उपरांत अभिमंत्रित की जाती है। चिकित्सा जगत के विद्वान विशेषकर आयुर्वेद से संबंध रखने वाले लोग भगवान धनवन्तरि का पूजन करते है, यह पूजन प्रत्येक प्राणिमात्र के लिए किया जाता है।

पवित्र मिट्टी लाने की परम्परा

पंचपर्व के प्रथम दिन धन तेरस पर जलाशयों की पवित्र मिट्टी लाने की परम्परा का निर्वहन किया जाता है । महिलाएं ऐश्वर्य-समृद्धि की प्रतीक पवित्र जलाशय की मृत्तिका को पूजन थाल में रखकर मंगलगीत गाते हुए घर पहुंचती है। ऐसी लोक मान्यता है कि धनतेरस के दिन शमी (खेजड़ी ) के वृक्ष का पूजन कर उसकी छाल तथा पवित्र सरोवर की मिट्टी को घर लाकर महालक्ष्मी पूजन स्थल पर रखने से घर में समृद्धि होती है। विशेष रूप से श्रीमाली ब्राह्मण समाज के सभी घरों में यह परम्परा सदियों से चली आ रही है। चांदपोल क्षेत्र के पवित्र जलाशय के पास मिट्टी लेने के लिए मेला लगता है। पूजन के बाद पवित्र मिट्टी को घर में ही तुलसी के गमले में विसर्जित किया जाता है।

धनतेरस पर चौघडि़ए अनुसार खरीदारी के श्रेष्ठ मुहूर्त

सुबह 11.00 बजे से दोपहर 1.43 तक लाभ अमृत चौघडिय़ा
दोपहर 12.00 बजे से 12.43 तक अभिजित मुहूर्त

मध्याह्न 3.07 बजे से 4.29 बजे तक शुभ
शाम 7.29 से रात 9.07 बजे तक लाभ वेला में खरीदारी करना श्रेष्ठ है। इसमें शाम प्रदोष वेला शाम 5.51बजे से प्रारंभ होगी। शुभ चौघडिय़ा रात्रि 10.44 से रात्रि 12.22 बजे तक रहेगा।

-पं.ओमदत्त शंकर

ज्योतिष पं. अनीष व्यास के अनुसार आज खरीदारी का श्रेष्ठ समय

सुबह 9.26 से 10.48 तक वाहन खरीदने के लिए
सुबह 10.48 से दोपहर 1.30 तक लाभ और अमृत

दोपहर 2.55 बजे से शाम 4.17 तक-शुभ
रात्रि 7.30 से 9 बजे तक-लाभ

अभिजित मुहूर्त सुबह 11.42 से 12.26 तक
गोधूलि वेळा मुहूर्त. शाम 5.05 से 5.29 तक

प्रदोष काल-शाम 5.35 से 8.14 तक
वृषभ काल-शाम 6.18 से 8.14 तक

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