कोरोना के सुपरस्प्राइडर बन रहे युवा और बच्चे, सबसे ज्यादा ये फैला रहे संक्रमण

77 वर्षीय महात्मा गांधी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक और मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर अब्दुल हकीम

By: Jay Kumar

Published: 20 Nov 2020, 10:44 AM IST

जोधपुर. कोरोना के लिए समझदार व अनपढ़ सभी जिम्मेदार है। लोग समझ रहे हैं कि मैं स्वस्थ हूं, इसलिए मुझे कुछ नहीं होगा। इस कारण कई जने बैखौफ है। इन दिनों हरेक दूसरे व्यक्ति को संक्रमित समझ व्यवहार रखे। जोधपुर में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। सही मायने में युवा और बच्चे कोरोना के सुपरस्प्राइडर है। वे इधर-उधर घूमते हैं, इनकी इम्यूनिटी अच्छी होती है और उन्हें बहुत जल्दी किसी प्रकार के लक्षण भी नहीं आते है। बीमार हो भी जाए तो जल्दी रिकवर हो जाते है। खेलते-कूदते बच्चे और दोस्तों से मिलते युवा घर तक कोरोना ला रहे है। घरों में बच्चों के घूमने पर कुछ दिन लगाम लगाई जाए। युवा अपने घर में बुजुर्गों से दूरी बनाए रखे। क्योंकि उनके संक्रमण के कारण घर में बैठा व्यक्ति संक्रमित हो रहा है। इसीलिए सबसे ज्यादा मौतें बुजुर्गों की हो रही है।
कई बुजुर्गों का कहना है कि वे तो कहीं गए ही नहीं, उन्हें कहां से कोरोना हो गया। दरअसल, घर के अन्य लोग उन्हें घर बैठे कोरोना दे रहे है। कोरोना हमारे पूरे समाज के अंदर फैल चुका है। पता ही नहीं चल रहा है कि कौन संक्रमित बाजार में घूम रहा है। पहले सभी मरीज व अस्पताल से डर रहे थे, अब बाजार में सर्वाधिक लोगों को मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंस की जरूरत है। हर आदमी कोरोना का कैरियर बन गया है। सोशल डिस्टेंस केवल पांच मिनट का रहता है, जबकि पांच मिनट के बाद सोशल डिस्टेंस के साथ भी आप किसी बात करते हुए संक्रमित हो सकते हैं। केवल फासला ही नहीं, आप संक्रमित के साथ कितनी देर बैठे, ये भी कारण कोरोना की चपेट में ला सकता है। हर घर में कोरोना को लेकर सख्ती होनी चाहिए। क्योंकि सरकार एक-एक व्यक्ति के पीछे सख्ती नहीं लगा सकती।

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