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न्याय: गैंगरेप के चार आरोपियों को 10 -10 साल कारावास

तकरीबन डेढ़ साल पहले क्षेत्र के दरगहन गांव में हुए सयुंक्त गैंगरेप के मामले में विशेष कोर्ट ने पीडि़ता के बयान के आधार पर चार आरोपियों को सजा सुनाई है

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deepak dilliwar

Aug 30, 2016

4 rape accused sant jail

4 rape accused sant jail

कांकेर/चारामा. तकरीबन डेढ़ साल पहले क्षेत्र के दरगहन गांव में हुए सयुंक्त गैंगरेप के मामले में विशेष कोर्ट ने पीडि़ता के बयान के आधार पर चार आरोपियों को सजा सुनाई है। एक साथ दो लड़कियों के साथ हुए गैंगरेप के मामले में नौ आरोपियों में से चार आरोपियों को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने सजा मुकर्रर की है।

घटना ब्यौरा के मुताबिक चारामा क्षेत्र की दो नाबालिग लड़कियां पड़ोसी गांव सिरसिरा में हो रहे रामायण के मंचन को देखने के लिए 23 मार्च 2015 की रात निकली।पीडि़ता के परिजनों के आरोप के मुताबिक दो युवक अरूण सोनकर(20) पुत्र चन्द्रशेखर सोनकर और दिलीप रास्ते से उठाकर सुरेश सोनकर के खेत में बने मकान में लेकर चले गए। दोनो नाबालिको से अरूण सोनकर और दिलीप पूरी रात दुष्कर्म करने के बाद चाराम अस्पताल के पीछे बने मकान मकान में लाकर छोड़ दिया। पीडि़ता के दर्ज बयान के मुताबिक वहां इनकी रखवाली दादू उर्फ भोजराज(21) नाम का एक दूसरा युवक कर रहा था जो कि बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। रात होने पर पुन: दिलीप और अरूण पहुंचे और दोनो युवतियों को लेकर सुरेश सोनकर के खेत वाले मकान में ले गए और दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी मनोज सोनकर, संतराम, राजेन्द्र बारी-बारी से अस्पताल के पीछे बने मकान में नाबालिगों से दुष्कर्म करते रहे। इस दौरान हल्दर और भोजराज नाबालिगों को जान से मारने की धमकी देते रहे। डरी -सहमी युवतियां घर में पड़ी रही।

लगातार छह दिन तक दुष्कर्म करने के बाद आरोपियों ने दोनों युवतियों को दरदहन के अटल चौक पर छोड़कर फरार हो गए। बदहाली के हालत में नाबालिग लड़कियां अपने घर पहुंचकर परिजनों को हाल बताया।

घर से गायब युवतियों की सूचना परिजन चारामा थाने पर दे चुके थे। जिसमें पुलिस मामला दर्जकर नाबालिगों की तलाश में जुटी थी। दोनो युवतियों के घर पहुंचने की सूचना पुलिस को परिजनों ने दी जिससे पुलिस दोनो का बयान लिया जिसमें दुष्कर्म की बात बताई गई। पुलिस मेडिकल टेस्ट कराने के बाद मामले में लिप्त सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई। बरामदगी के एक सप्ताह के अंदर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बयान के बाद सुनाया निर्णय
गैंगरेप का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में बड़ी घटना के तौर पर इसे जाना जाने लगा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पास्कों एक्ट के तहत मामला दर्जकर आरोपियों को गिरफ्तारी कर न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया। मुकदमें के सुनवाई के दौरान सभी आरोपी जेल में बंद थे। संयुक्त गैंगरेप मामले में एक मामले की सुनवाई पूरी कर पीडि़ता के बयान के आधार पर विशेष न्यायालय के विशेष न्यायाधीश मनोज प्रजापति की कोर्ट ने दिलीप केसरिया को पृथक से आरोपी बनाया था। बयान और तथ्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश मनोज प्रजापति ने अरूण सोनकर को 10 वर्ष के कारावास और 11 हजार रूपया अर्थदण्ड, दिलीप सोनकर को 10 वर्ष के कारावास और 11 हजार रूपया अर्थदण्ड, मनोज सोनकर पिता काशीराम सोनकर को 10 वर्ष का कारावास और 6100 रुपए का अर्थदण्ड और संतराम देवांगन को 10 वर्ष का कारावास और 6100 रुपए का अर्थदण्ड मुकर्रर किया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ने सरकारी की ओर से संदीप श्रीवास्तव ने दलीलें पेश की। मामले में लिप्त अन्य आरोपियों के उपर दूसरी युवती के बयान के आधार पर अपराध तय किया जाएगा।
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