घटना ब्यौरा के मुताबिक चारामा क्षेत्र की दो नाबालिग लड़कियां पड़ोसी गांव सिरसिरा में हो रहे रामायण के मंचन को देखने के लिए 23 मार्च 2015 की रात निकली।पीडि़ता के परिजनों के आरोप के मुताबिक दो युवक अरूण सोनकर(20) पुत्र चन्द्रशेखर सोनकर और दिलीप रास्ते से उठाकर सुरेश सोनकर के खेत में बने मकान में लेकर चले गए। दोनो नाबालिको से अरूण सोनकर और दिलीप पूरी रात दुष्कर्म करने के बाद चाराम अस्पताल के पीछे बने मकान मकान में लाकर छोड़ दिया। पीडि़ता के दर्ज बयान के मुताबिक वहां इनकी रखवाली दादू उर्फ भोजराज(21) नाम का एक दूसरा युवक कर रहा था जो कि बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। रात होने पर पुन: दिलीप और अरूण पहुंचे और दोनो युवतियों को लेकर सुरेश सोनकर के खेत वाले मकान में ले गए और दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी मनोज सोनकर, संतराम, राजेन्द्र बारी-बारी से अस्पताल के पीछे बने मकान में नाबालिगों से दुष्कर्म करते रहे। इस दौरान हल्दर और भोजराज नाबालिगों को जान से मारने की धमकी देते रहे। डरी -सहमी युवतियां घर में पड़ी रही।