उन्हे मना करने पर फिर विवाद करते हुए मूर्ति चोरी स्वयं करने की बात कहकर कहा कि मंदिर स्थल में किसी प्रकार की स्थापना नहीं होगी। मंदिर की जगह अपने नाम होने की बात कहकर ग्रामीणों से गाली गलौज की, जिसके बाद गांव की चुनेश्वरी साहू, जयश्वरी जैन, लक्ष्मी बाई, सरिता निषाद, रेखा साहू, फुलेश्वरी बाई, कुमारी बाई, आहेलिया बाई, निर्मला बाई, परमाबाई, सुरेखा, राधा, ननकी, लीला साहू सहित अन्य ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और पुलिस को इसकी शिकायत की।