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पत्नी से हुई तू-तू मैं-मैं, तो छत पर जाकर खुद को मार दी गोली

खुशमिजाज होने का बाद भी एक युवक ने कर ली खुदखुशी और इसकी वजह तलाश रही है पुलिस

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कन्नौज. कन्नौज में सीजेएम कोर्ट के लिपिक शशीकान्त गौतम द्वारा आत्महत्या करने के मामले में पुलिस अहम सुराग तलाश कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इन्तजार भी कर रही है। पुलिस अधिकारीयों की मानें, तो एक-एक पहलू पर जाँच कराइ जा रही है। इससे लिपिक शशीकान्त गौतम के गोली लगने का सही मामला सामने आ सके।

खुशमिजाज शशीकान्त गौतम

कन्नौज के जिला कचहरी में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में तैनात लिपिक के खुशमिजाज होने की बात पुलिस पड़ताल में सामने आ रही है। लेकिन जानने वालों का ये भी कहना है कि वह काफी समय से परेशान था। पड़ोसियों ने बताया कि परिजन सतर्क होते, तो उनकी जान बच जाती। छत पर लैपटॉप लेकर जाने के बाद लिपिक ने दो फायर किए। बताते हैं कि पहला फायर होने के बाद कोई छत की तरफ पहुंचता, तो शायद अगली गोली वह नहीं चला पाते। हालांकि फायरिंग को लेकर परिजन भी कुछ समझ नहीं सके। इसलिए वह जब तक पहुंचे, तब तक मामला हाथ से निकल चुका था।

सुन रहे थे दर्द भरे गाने

मौके से पुलिस को मृतक का लैपटॉप, मोबाइल समेत कई चीजें मिली हैं। अब यही घटना का राज पर्दाफाश करेंगे। अहम सुराग तलाशने की कोशिश में कई पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। एसएसआई राज कुमार की मानें, तो घटना के कुछ देर बाद पहुंचने पर लैपटॉप चालू मिला। उसमें दर्द भरा गीत बज रहा था।

एक-एक बिंदु पर हो रही है जांच

जानकारी में आ रहा है कि उन्होंने प्रेम विवाह किया था। इसमें एक-दूसरे से काफी अपेक्षाएं होती हैं। इनकी पूर्ति न होने पर व्यक्ति अक्सर ऐसा कदम उठाता है। मृत्क के माता-पिता उन्नाव में रहते हैं। इसलिए फिलहाल पड़ताल अधूरी है। अब पुलिस टीम वहां भेजी जाएगी। एक-एक बिंदु पर जांच कराई जाएगी। बाकी परिजनों की तरफ से तहरीर मिलने के बाद कदम उठाएंगे।

छत पर पड़े मिले खून से लथपथ पड़े

शशिकांत गौतम पुत्र राजाराम यहां मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट के यहां क्लर्क के पद पर तैनात थे। वह यहां अम्बेडकर नगर सरायमीरा में रामप्रसाद के यहां पिछले कई सालों से किराए पर रह रहे थे। बताया जा रहा है कि पत्नी ऊषा से किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया था। गुस्से में अपना लैपटॉप और मोबाइल छत पर लेकर चले गए और कुछ देर बाद पत्नी ऊषा को गोलियों की आवाज सुनाई दी। गोली की आवाज सुन ऊषा छत की ओर दौड़ी, तो पति शशिकांत छत पर खून से लथपथ पड़े हुए थे। पत्नी छत से ही चीख-चीखकर पड़ोसियों को बुलाने लगी। ऊषा की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड पड़े और घायल शशिकांत को कार से जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शशिकांत गौतम उन्नाव के दरोगा बाग, सिविल लाइन्स के रहने वाले थे।