
70-year-old man sent to jail in Sikh riots dies 12 out of 33 accused hospitalized
1984 सिख दंगे में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए एक आरोपित की इलाज के दौरान हैलट अस्पताल में मौत हो गई। वह डायबटीज का मरीज था। जेल प्रशासन के आग्रह पर वीडियोग्राफी कराकर डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वाई ब्लॉक किदवई नगर निवासी धीरेंद्र तिवारी (70) को एसआईटी ने केस नंबर 574/84 में गिरफ्तार किया था। 12 जुलाई को उसे जेल भेजा गया।
जेल पहुंचने पर जब मेडिकल परीक्षण हुआ तो वह डायबिटीज का रोगी निकला। जेल में ही हालत बिगड़ गई। धीरेंद्र को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय के मुताबिक 12 अगस्त को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सेहत में कुछ सुधार के बाद 20 अगस्त को वापस जेल भेजा गया। 23 अगस्त को फिर हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल पहुंचाया गया। 24 को हैलट रेफर कर दिया गया। 27 की देर शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
12 आरोपियों को है समस्या
सिख दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने अलग-अलग मामलों में अब तक 34 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें से एक की मौत के बाद जेल में 33 आरोपित रह गए हैं। इन आरोपितों में से 27 को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, क्योंकि ये किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक इनकी उम्र ज्यादा होने के कारण दिक्कत हो रही है। सिख दंगों के 12 मामलों की एसआईटी विवेचना कर रही है। ये मामले हत्या, डकैती से संबंधित हैं। इन्हीं में गिरफ्तारियां जारी हैं। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पाण्डेय ने बताया कि 12 आरोपितों को जेल अस्पताल में रखा गया है। ये सभी हाई ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं।
Updated on:
28 Aug 2022 07:24 pm
Published on:
28 Aug 2022 07:23 pm
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