
शादी अनुदान के बाद अब कन्या सुमंगला योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजना कन्या सुमंगला योजना (Kanya Sumangla Yojna) में कानपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा (Fraud in Kanya Sumangla Policy) सामने आया है, जिसमें दस पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv) फंसे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि इनके विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। साथ ही निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल मामले में सीडीओ (CDO Kanpur) डा. महेंद्र कुमार के आदेश पर खंड विकास अधिकारियों द्वारा इन पंचायत सचिवों से जवाब मांगा गया है।
जांच में पाए गए 258 लोग अपात्र
इन सचिवों ने लापरवाही करते हुए मौके पर जाए बिना ही अपात्रों को पात्र बना दिया। अभी इसके पूर्व इसके पहले शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घोटाला भी सामने आया था। सीडीओ ने कन्या सुमंगला योजना की जांच कराई तो इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें ऐसे 258 अपात्र हैं, जिन्हे पात्र बनाया गया है। इस मामले में सदर तहसील के कई लेखपालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।
कन्या सुमंगला योजना में फंसे ये पंचायत सचिव
पंचायत सचिव पिंकी कुशवाहा ने ताजपुर गांव की आस्था को पात्र बनाया, जबकि वह अपात्र थीं। वहीं सचिव ओंकारनाथ ने सरसौल की अवंतिका, वर्षा शुक्ला ने नर्वल निवासी शिवकन्या, कृतिका, इंद्रा को पात्र बताया। इसी तरह सचिव अजेंद्र तिवारी, साबिर अली, आकाश कनौजिया, राहुल देव मिश्रा, पुनीत मिश्रा, जितेंद्र मिश्रा सहित दस पंचायत सचिवों ने कई अपात्रों को पात्र बना दिया। कन्या सुमंगला योजना में हुए फर्जीवाड़े में फिलहाल 10 पंचायत सचिव इस मामले में फंस गए हैं। इस मामले में अगस्त माह में तत्कालीन डीएम आलोक तिवारी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अब उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू हो गई है।
Published on:
26 Sept 2021 03:24 pm

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