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सीबीआई करेगी कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति पर लगे आरोपों की जांच, मुकदमा दर्ज

आगरा यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति जो वर्तमान में कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। उनके खिलाफ सीबीआई जांच करेगी।

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सीबीआई करेगी कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति पर लगे आरोपों की जांच, मुकदमा दर्ज

सीबीआई करेगी कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति पर लगे आरोपों की जांच, मुकदमा दर्ज

कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रदेश सरकार की सिफारिश पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें KLICT कंपनी के मालिक का भी नाम है। इसके पहले 29 अक्टूबर 2022 को इंदिरा नगर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा आईपीसी की धारा 342, 386, 504, 506 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के अंतर्गत दर्ज हुआ था।

एसटीएफ की जांच में तीन को गिरफ्तार किया गया था। प्रोफेसर विनय पाठक को एसटीएफ ने तलब किया था। लेकिन एक बार भी हाजिर नहीं हुए।

सीबीआई ने बीते 7 जनवरी 2023 को आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जालसाजी आदि के आरोपों पर मुकदमा दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त आईपीसी एक्ट 1988 की धारा 7 भी लगाई गई है।

डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजिज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डेविड मेरियो ने मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें प्रोफेसर विनय पाठक और अजय मिश्रा आरोपी थे। अजय मिश्रा XLICT कंपनी के मालिक हैं।

इंदिरा नगर थाना में दर्ज हुआ था मुकदमा, एसटीएफ ने की थी जांच

इंदिरा नगर थाना में दिए तहरीर में डेविड मेरियो डेनिस बताया कि 2020-21 और 21-22 में किए गए कार्यों का भुगतान आगरा विश्वविद्यालय में लंबित था। तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने व्यक्तिगत संपर्क के लिए घर पर बुलाया और उनसे बिल भुगतान के बदले 15% कमीशन मांगा। बातचीत के दौरान कुलपति ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि 15% कमीशन के बिना बिल का भुगतान नहीं होगा। उन्होंने कुलपति पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मजबूरी में उन्होंने कमीशन देना स्वीकार किया। बकाया भुगतान से मिलने वाली रकम से ही कमीशन देने का सौदा तय हुआ था।

कुलपति ने कमीशन के लेनदेन के लिए अजय मिश्रा निवासी खुर्रम नगर लखनऊ से संपर्क करने को कहा। यह भी कहा कि कमीशन के विषय में जब भी बातचीत करना हो तो एप्पल मोबाइल के फेस टाइप ऐप से ही बात करें। अपनी तहरीर में डेविड मेरियो ने बताया है कि कमीशन के रूप में अब तक एक करोड़ 41 लाख रुपए का भुगतान कर चुका हूं। विनय पाठक के कारण उनकी कंपनी भुखमरी की कगार पर पहुंच गई है।

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बड़े बड़े संस्थानों में कार्य कर चुके हैं प्रोफेसर विनय पाठक

कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक इसके पहले सहायक प्रोफेसर के तौर पर एचबीटीआई कानपुर में कार्य कर चुके हैं। आईआईटी कानपुर में परियोजना वैज्ञानिक के साथ एचबीटीआई कानपुर में प्रोफ़ेसर और डीन के रूप में भी कार्य करने का अवसर मिला था। डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में भी काम किया है। 2009 ओपन यूनिवर्सिटी उत्तराखंड में कुलपति के रूप में कार्य किये हैं। वर्तमान में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कुलपति के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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