8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी के दौरान ली जाने वाली होम्योपैथिक दवाइयां लीवर, फेफड़े को करती है मजबूत

डेंगू चिकनगुनिया बीमारी के दौरान और अधिक दवाइयां लेने से कई अन्य चीजों को लाभ मिलता है। जैसे लीवर, फेफड़े, किडनी एवं हृदय को मजबूती मिलता है। होम्योपैथिक डॉक्टर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान कोरोना से क्षतिग्रस्त फेफड़े वाले मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है।

less than 1 minute read
Google source verification
डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी के दौरान ली जाने वाली होम्योपैथिक दवाइयां लीवर, फेफड़े को करती है मजबूत

डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी के दौरान ली जाने वाली होम्योपैथिक दवाइयां लीवर, फेफड़े को करती है मजबूत

कोरोना से क्षतिग्रस्त फेफड़े वाले मरीजों को दिवाली के अवसर पर सावधान रहने की जरूरत है। इसके साथ ही डेंगू के भीषण प्रकोप से बचने के लिए मरीजों को होम्योपैथिक दवाइयां करनी चाहिए। जिनके चमत्कारिक परिणाम सामने आते हैं। इसी संदर्भ में आज ग्वालटोली स्थित आरोग्यधाम होम्योपैथिक चिकित्सालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन ने उक्त विचार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से मौसम में आ रहे बदलाव के कारण डेंगू चिकनगुनिया के रोगियों में वृद्धि दिखाई पड़ रही है। आरोग्यधाम में भी इस प्रकार के मरीज आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जो चिकनगुनिया का मरीज पेन किलर लेता है। उसके सायनोवियल मेंब्रेन में सूजन आ जाती है एनएसएआईडी ड्रग लेने से मरीज के जोड़ों में ओस्टियोआर्थराइटिस में बदलाव आ जाता है। मरीज के चलने फिरने से सायनोवियल मेंब्रेन में खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि मरीज जब पेन किलर लेना बंद करता है। तो उसके जोड़ों में जकड़न आ जाती है और उसका चलना फिरना दुबर हो जाता है। ऐसी स्थिति में होम्योपैथिक दवाइयां लेने से दर्द और चिकनगुनिया का समूल नाश हो सकता है।

डॉक्टर आरती मोहन ने बताया

आरोग्यधाम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती मोहन ने बताया कि डेंगू हेमोरेजिक फीवर की कंडीशन में सोडियम और पोटेशियम का बैलेंस बिगड़ जाता है। मरीज का दिमागी संतुलन भी बिगड़ जाता है। ऐसे मरीजों पर भी होम्योपैथिक दवाइयां चमत्कारिक परिणाम देते हैं। डेंगू एवं चिकनगुनिया के दौरान होम्योपैथिक दवा लेने से लीवर, फेफड़े, किडनी, हृदय आदि को मजबूती मिलती है। आरोग्यधाम ग्वालटोली की तरफ से असहाय एवं जरूरतमंद रोगियों को निशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाता है। कोरोना काल में आरोग्यधाम की तरफ से उल्लेखनीय कार्य किया गया।