गांव मे अक्सर लोग घर की लिपाई पुताई के लिये पीली मिट्टी खोदकर लाती है। जिससे गहरे गहरे गड्ढे बन जाते है। अभी एक दिन पहले ही हुयी तेज बारिश से वह गड्ढा पानी से लबालब भर गया था। गांव के ही विवेक, रजपाल आदि अन्य अपने साथी बच्चो के साथ खेल रहे दीपांशु ने गर्मी के चलते नहाने की बात कही। जिसके बाद सभी बच्चे नहाने के लिये गये। जब सभी बच्चे उस गड्ढे के पानी मे नहाने लगे, तो उसी दौरान गड्ढे की गहराई मे जाने पर दीपांशु ने चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी चीख सुन साथी ने उसका हाथ पकडकर खींचा, लेकिन हाथ छूटने के बाद दीपांशु डूबने लगा। आनन-फानन मे घबराये बच्चों ने गांव पहुंचकर घटना की सूचना दी। ग्रामीणों ने पहुंचकर दीपांशु को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक रामाधार के घर का चिराग बुझ चुका था। एकलौते पुत्र की मौत की सूचना मिलते ही घर सहित गांव मे मातम छा गया।