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फील्डगन फैक्ट्री को रिवॉल्वर के लिए है बाजार की तलाश

कानपुर में फील्डगन फैक्ट्री की बनी रिवॉल्वर बेचने के लिए तलाश की जा रही है नए बाजार की. ताकि इसकी बिक्री में और इजाफा किया जा सके. इस वित्‍तीय वर्ष में 800-900 रिवॉल्वर बेची गई हैं. 3 टीमें राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब भेजी गई थीं.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 3 Nov 2018, 8:30 AM IST

Kanpur

फील्डगन फैक्ट्री को रिवॉल्वर के लिए है बाजार की तलाश

कानपुर। कानपुर में फील्डगन फैक्ट्री की बनी रिवॉल्वर बेचने के लिए तलाश की जा रही है नए बाजार की. ताकि इसकी बिक्री में और इजाफा किया जा सके. इस वित्‍तीय वर्ष में 800-900 रिवॉल्वर बेची गई हैं. 3 टीमें राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब भेजी गई थीं. ऐसे में अगर पुलिस का ऑर्डर मिला तो जरूरत के मुताबिक उत्पादन और डिलीवरी में दबाव बढ़ सकता है. यह कहना है कालपी रोड स्थित फील्डगन फैक्ट्री के जीएम शैलेंद्र नाथ का. यहां आपको बता दें कि पिछले दिनों उन्‍होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के तहत इस बात की जानकारी दी. इसके आगे उन्‍होंने और क्‍या कहा, आइए आपको बताएं.

बताया कुछ ऐसा भी
उन्होंने बताया कि आयुध निर्माणी से अगले 4 साल में 300 तोप सेना को दी जानी है. धनुष के लिए बल्क प्रोडक्शन क्लीयरेंस नहीं मिल सकी है. सेना नवंबर के अंत तक 6 तोप देगी, जिसे अपग्रेड किया जाएगा. मार्च 2018 तक 18 तोपें दे दी जाएंगी. इन सभी आर्डर को वक्‍त पर पूरा करना है. इसके अलावा फील्‍डगन फैक्‍ट्री में बनाई जा रही रिवॉल्‍वरों को भी ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में बेचने की योजना बनाई गई है, इसके लिए गन फैक्‍ट्री की तीन टीमें अपने काम पर लगी हुई हैं. अगर टीमों को उम्‍मीद के मुताबिक रिवॉल्‍वरों के आर्डर मिल जाते हैं तो उत्‍पादन को लेकर थोड़ा दबाव बढ़ना तय है. लेकिन इन सभी स्‍थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी है. इसके साथ ही जीएम ने आगे दी और कौन सी जानकारी, आइए जानें.

सर्वर को किया गया है लॉन्‍च
जीएम के मुताबिक कार्य में पारदर्शिता के लिए एनक्यूडीबीएमएस (नेटवर्क क्वालिटी डाटा बेस्ड मैनेजमेंट सिस्टम) सर्वर को लॉन्च किया गया है. किसी उत्पाद में गड़बड़ी होने या उसके कंपोनेंट (हिस्से) को कब और किसने बनाया या उसे लगाया जैसी जमाम जानकारी इस सर्वर की मदद से मिल जाएगी. इस खास मौके पर उन्‍होंने ये भी बताया कि सितंबर के महीने में ऐप लॉन्च किया गया था, जिससे वेंडर्स डिलीवरी सिस्टम की प्रगति जान सकेंगे.