दो दिन पहले मौत के घाट उतार दिया गया गुड़िया, लोगों ने राहत की सांस ली
कानपुर। कटरी के 52 गांवों में जब बच्चा रोता था तो उसकी मां कहती थी कि बेटा चुप हो जा नहीं, तो पप्पू गुड़िया आ जाएगा। हां खौफ का दूसरा नाम कानपुर का हार्डकोर क्रिमिनल पप्पू गुड़िया था। जिसने आयाराम-गयाराम में ककहरा जिससे सीखा उसे ही मार कर कटरी का बादशह बन गया। दस सालों तक गंगा में बालू से लेकर मछली कारोबार में सीधा पप्पू का दखल रहता था। बंदूक के बल पर उसने लोगों के दिलों में खौफ पैदा किया। सफेदपोशों की मदद के बल पर वह खाकी पर भी रौब ऐठता था, इसी के चलते उस पर पुलिस भी हाथ रखने से कतराती थी। लेकिन वक्त ने करवट बदला और गुड़िया का अंत भी मैडम की तरह हुआ। गंगा के बीच धारा में उसका शव क्षत-विक्षप्त हालात में मिला।गुड़िया की मौम की जानकारी मिलते ही ग्रामीण गदगद दिखे और राहत की सांस ली। वहीं उसके परिजनों ने हत्या का आरोप मैडम के भाईयों पर लगा पुलिस को तहरीर सौंपी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो दिन पहले मारा गया गुड़िया
कोहना थानाक्षेत्र निवासी हिस्ट्रीशीटर रविशंकर उर्फ पप्पू गुड़िया की हत्या कर दी गई। उसका शव सुबह मैग्जीन घाट पर गंगा के किनारे पड़ा मिला।परिजनों ने शुक्लागंज निवासी शातिर अपराधी रहे मैडम के दो भाई समेत चार युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। पप्पू गुड़िया के चचेरे भाई रघुवीर ने बताया कि शाम के वक्त किसी ने फोन कर भाई को बुलाया। वह शराब के नशे में था, मना किया पर वह नहीं माना। देररात तक जब घर नहीं लौटा तो हमने उसकी खोजबीन की पर उसका कहीं पता नहीं चला। सुबह के वक्त पुलिस ने एक शव मिलने की जानकारी दी। शव हमारे भाई का निकला। रघुवीर ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे मैडम के भाईयों का हाथ हैं।
मछली-बालू माफिया बन बैठा क्रिमिनल
मैग्जीन घाट निवासी पप्पू गुड़िया पप्पू (45) गंगा रेती में खेती करने के साथ ही गंगा में मछली मारने वाले गोताखोरों से वसूली करता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके परिवार में पत्नी निशा और दो बेटियां गुनगुन व परी है। वह किसी ओर को मैग्जीन घाट में मछली मारने नहीं देता था। इससे उसकी कई लोगों से दुश्मनी चल रही थी। आरोप है कि तभी शुक्लागंज निवासी कल्लू, वसी, अफसर और जमालू उसे उठाकर गंगा के किनारे ले गए। पप्पू की चारों से मछली मारने को लेकर रंजिश चल रही थी। चारों ने किसी भारी हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे शव फेंककर भाग गए। वहीं कटरी के लोगों का मानना है कि पप्पू की तूती सपा सरकार में बोलती थी, लेकिन सत्ता बदलते ही उसके दुश्मनों ने काम तमाम करने का प्लॉन बना डाला।
35 से ज्यादा मुकदमे थे दर्ज
पप्पू गुड़िया बेहद खतरनाक अपराधी था। उसके खिलाफ कोहना, ग्वालटोली और शुक्लागंज थाने से 30 से 35 मुकदमे दर्ज है। पप्पू की जाति गुड़िया है, इसी वजह से लोग इसे पप्पू गुड़िया कहते थे। असली नाम बहुत कम लोग जानते थे। पप्पू गुड़िया ने दो दशक पहले जिगरी दोस्त पप्पू मैडम के साथ जरायम की दुनिया में कदम रखा था। तब गंगा बैराज नहीं बना था.। पप्पू गुड़िया ने साथी पप्पू मैडम के साथ गैंग बनाया, जो गंगा कटरी में खेती करने वाले ग्रामीणों से वसूली करता था। इसके अलावा 1995 में पप्पू का बालू खनन को लेकर तत्कालीन एमएलसी से झगड़ा हो गया था। एमएलसी को उस वक्त कटरी छोड़नी पड़ी थी। जानकारों की मानें तो उसी वक्त एमएलएसी ने पप्पू गुड़िया और मैडम को जान से मारने की धमकी दी थी। दोनों अकेल एमएण्लसी के घर में धावा बोल दिया था। पर घर में एमएलएसी नही मिला। दोनों अपराधी घर से चले गए।
मैडम का सिर धड़ से किया अलग
पप्पू गुड़िया और पप्पू मैडम के बीच बाद में विवाद हो गया। कटरी निवासी ग्रामीणों के मुताबिक पप्पू गुड़िया की किसी महिला रिश्तेदार और पप्पू मैडम के बीच प्रेम संबंध हो गया था। इसका पता चलने पर पप्पू गुड़िया ने ही पप्पू मैडम को खत्म करने के प्रण ले लिया। मैडम जान बचाकर उन्नाव भाग गया। पर पप्पू की पकड़ उन्नाव और शुक्लागंज में होने के चलते उसने मैडम को वहां से उठवा लिया और कटरी ले जाकर सिर से धड़ अगल की निर्मम हत्या कर डाली। इसी के बाद मैडम के परिजन पप्पू को खत्म करने के लिए प्रयास करते रहे, पर कामयाब नहीं हुए। पप्पू एक दशक तक अपराध की दुनिया में रहा, लेकिन एक बार ही जेल गया।