
एक ओर पांव पसार रहा है डेंगू, दूसरी ओर बढ़ी प्लेटलेट्स की कालाबजारी
कानपुर। बदलते मौसम में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके चलते ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग भी बढ़ गई है, लेकिन प्लेटलेट्स की बढ़ी मांग के बाद भी ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स के स्टॉक की भारी कमी है. इस वजह से तीमारदारों व मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. इसका फायदा उठाने के लिए खून के दलाल फिर सक्रिय हो गए हैं. बेहद कम कीमत होने के बाद भी प्लेटलेट्स के नाम पर सक्रिय दलाल जरूरतमंदों से कई गुना कीमत वसूल रहे हैं.
सरकारी ब्लड बैंकों में ये है हालत
शहर के तीन सरकारी ब्लड बैंकों में से उर्सला और मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में ही ब्लड की सबसे ज्यादा मांग रहती है. दोनों में ही ब्लड सैपरेशन यूनिट भी है. ऐसे में यहां प्लेटलेट्स और प्लाजमा की भी बिक्री होती है, लेकिन दोनों ही ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की भारी कमी है.
ऐसी मिली है जानकारी
पिछले दिनों ही यूपीएसबीटीसी की वेबसाइट से इस बात की जानकारी मिली है कि उर्सला में 11 यूनिट प्लेटलेट और जीएसवीएम ब्लड बैंक में 23 यूनिट प्लेटलेट ही थीं, जबकि डेंगू के मौसम में मांग इससे कहीं ज्यादा बढ़ी है. आपको बता दें कि सिर्फ एलएलआर हॉस्पिटल में ही 20 से ज्यादा डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है.
चार गुना ज्यादा हैं भाव
सरकारी हो या प्राइवेट, ब्लड बैंक एक यूनिट प्लेटलेट्स आमतौर पर 300 से 500 रुपए में मिल जाती है, लेकिन अब जब प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है. तब एक यूनिट प्लेटलेट्स एक हजार से 1500 रुपए तक में मिल रही है. यह सौदा दलाल करते हैं जोकि सरकारी ब्लड बैंकों में आने वाले तीमारदारों को फंसाते हैं. एक बार सौदा होने के बाद उन्हें किसी दूसरे ब्लड बैंक से ज्यादा कीमत पर प्लेटलेट्स दिला देते हैं. जीएसवीएम के ही ब्लड बैंक में ऐसे कई दलाल पकड़े जा चुके हैं.
Updated on:
1 Nov 2018, 12:50 PM IST
Published on:
1 Nov 2018, 12:50 PM IST
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