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2019 में फिर से ईमानदारी के पैमाने पर खरे उतरे सीएम योगी आदित्यनाथ

भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर में देश के दिग्गज नेताओं के साथ नौकरशाहों की एंट्री पर इसलिए लगाई गई रोक, लेकिन सीएम योगी कर सकते हैं प्रवेश।

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2019 में फिर से ईमानदारी के पैमाने पर खरे उतरे सीएम योगी आदित्यनाथ

2019 में फिर से ईमानदारी के पैमाने पर खरे उतरे सीएम योगी आदित्यनाथ

कानपुर। कल्याणपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के पास भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर है। मंदिर में देश के कई न नौकरशाह जजों के अलावा भाजपा सपा, बसपा कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं की फोटा लगाई गई है। जिनके मंदिर पर प्रवेश पर रोक है। मंदिर प्रशासन भ्रष्ट और इमानदारों की समीक्षा करता है। 2019 में सीएम योगी आदित्यनाथ को इमानदारी के पैमानें में खरे उतरे हैं। इसी वजह से सीएम योगी को मंदिर पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।

भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर
कल्याणपुर के पास भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि भगवान के नाम से एक मंदिर है। यहां पर देश के 70 राजनेता और 20 ब्योरोक्रेट्स को भ्रष्ट बतलाया गया है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि ये कहीं न कहीं भ्रष्ट सिस्टम के हिस्से से जुड़े हुए हैं। मंदिर प्रशासन के मुताबिक जो भी नेता य अन्य लोग भगवान शनि की निगरानी में खरे उतरते हैं तो उन्हें क्लीनचिट देकर उनकी तस्वीर के आगे इमानदार लिख दिया जाता है। फिलहाल 7 सालों में सिर्फ प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ खरे उतर रहे हैं और मंदिर प्रशासन ने उनके प्रवेश की अनुमति दी हुई है।

2012 में मंदिर का निर्माण
संरक्षक रॉवी शर्मा ने बताया कि देश में एकाएक भ्रष्टचार की बढ़ोतरी को देखकर 2012 में मंदिर का निर्माण कराया था। वो इस मंदिर के जरिए देश के राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और जजों को पैगाम देना चाहते हैं कि भ्रष्टचार कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं, उसे भगवान शनि देख रहे हैं। जिसकी सजा वो आज नहीं तो कल जरूर देंगे। मंदिर में कोई प्रसाद व पैसे चढ़ाने पर रोक है। मंदिर में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जात। प्रवेश के अधिकार प्रबंधन के पास सुरक्षति हैं, यह आम जनता के लिए खुला है लेकिन पूर्व और वर्तमान भ्रष्ट मंत्री, सांसद, विधायक और जजों की एंट्री बैन है। इस शर्त की 1 व आगे के वर्ष में यदि स्थित सुधरी तो दोबारा समीक्षा की जाएगी।

शनि की तीन मुर्तियां विराजमान
इस मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर के बीचो-बीच शनि देव की तीन मूर्तियां एक दूसरे की तरफ पीठ कर के लगी हैं। इस तरह एक शनि देव की दृष्टि पूरी संसद, राज्य सभा और वर्तमान नेताओं की फोटोज पर पड़ती है, फिर वो चाहे मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी या राहुल गांधी ही क्यों न हों या फिर मौजूदा समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। इसी तरह दूसरे शनि देव की दृष्टि, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और न्यायाधीशों की तस्वीरों पर पड़ रही है। भगवान शनि सब पर नजर रखने के साथ अराध्य देव ब्रम्हा के कार्यो को देखते हैं।

ब्रम्हा जी पर शनि की नजर
राॅबी शर्मा बताते हैं कि मंदिर में तीसरी मुर्ति भी शनि देव की है और पूर्ण द्रष्टि ‘ब्रह्मा जी’ पर भी पड़ रही है। कारण यह कि उन्हीं के द्वारा इस तरह की श्रष्टि की रचना की गयी है। जिसमें इतने भ्रष्ट लोग पैदा हो गए। यानी अब ब्रह्मा जी भी संभल जाएं और भ्रष्ट लोगों को ना पैदा करें। राॅबी कहते हैं कि 2014 में केंद्र की सत्ता में नरेंद्र मोदी के आने के बाद भी अभी भी भ्रष्टाचार चरम पर है। ऐसे में शनिदेव की नजर हर उस व्यक्ति व देवता पर है जो इसे पनपनें दे रहे हैं। कहते हैं, जिस दिन देश से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, उसी दिन भगवान शनि प्रसन्न हो जाएंगे।

मंदिर में इनकी फोटो लगी
मंदिर की डायरी पर ये सबसे बड़े भ्रष्टाचारी मंदिर में यूपी के करीब 8 अधिकारियों और देश के 55 प्रमुख नेताओं के फोटो लगे हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी अखिलेश यादव, मायावती मुलायम सिंह यादव, प्रियंका गांधी राहुल गांधी, पी. चिदंबरम, शीला दीक्षित, नितिन गडकरी और लाल कृष्ण आडवाणी जजों और प्रमुख वकीलों के फोटो भी लगाए गए हैं। मंदिर में कानपुर के पूर्व डीएम कौशल राज शर्मा, यूपी के प्रमुख सचिव आलोक रंजन और कानपुर विकास प्राधिकरण की पूर्व उपाध्यक्ष जय श्री भोज का फोटो भी लगा है।