# PATRIKA शहर के 373 कालेधन के धन्नासेठों की लिस्ट आयकर के हाथ, 4500 करोड़ का घपला मिलने की संभावना ?

विभाग के पास कई ऐसे नामों की लिस्ट है जो शहर के 4500 करोड़ के काले धन का पता लगा रही है और विभाग केवल आईडीएस स्कीम के समय के पूरा होने का इंतजार कर रही है।

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Aug 30, 2016
income tax list of black money holders in kanpur
विकास वाजपेयी

कानपुर - धन दौलत में उत्तर प्रदेश की आखों का तारा और देश में कर अदा करने पर आठवें स्थान पर मौजूद कानपुर काले धन के कुबेरों के कारनामों से भी सुर्खियों में पहुंच गया है। इनकम डिस्क्लोजर स्कीम यानी कि आईडीएस के तहत शहर के धन्नासेठों को अपने काले धन को सफेद करने कवायद में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों को काले धन पर कुण्डली मार कर बैठे कई नामों की जानकारी मिली है।
हाल ही में शहर और उससे जुड़े कई जिलों में आयकर विभाग की ताबडतोड़ छापे मारी के बारे में यहां के धन्नासेठों को कोई पुख्ता जानकारी हासिल नहीं हो पा रही थी। लेकिन सूत्रों की माने तो कानपुर और मुम्बई के कई चार्टेड अकाउंटेंट के पास से मिली जानकारियों में इन छापेमारी के सारे राज छुपे है। और इसके आधार पर कानपुर के 373 ऐसे लोगो के विषय में जानकारी हासिल हो रही है जो काले धन के बहुत बड़े कारोबार से ताल्लुख रखते है। यहीं नहीं आयकर विभाग ने इस बारे में शहर के उन व्यापारियों का एक चिट्ठा भी तैयार कर लिया है जो अपने काले धन को सफेद करने के लिए बोगस कम्पनियों और उनके सीए के सम्पर्क में रहे है।
जानकारी के मुताबिक शहर में काले धन के कारोबारियों पर नजर रखने वाले अधिकारियों को छापे मारी के बाद एक ऐसी डायरी हाथ लगी है जो विभाग के लिए काफी हद तक वरदान साबित होने वाली है साथ ही ऐसे सैकड़ों कारोबारियो के बारे में मलुमात भी हो रही है जो अपने काले धन को सफेद कराने को लिए सरकार की आंखों में धूल छोकते रहते है। सूत्रों के अनुसार शहर के सिविल लाइंस स्थित एक कम्पनी के आफिस में मारे गये छापे में आयकर विभाग को 293 नामों वाली एक महत्वपूर्ण डायरी हाथ लगी थी।
डायरी में कई नामों के साथ कानपुर से जुड़े 293 ऐसे लोगो के विषय में एक एक पैसो का हिसाब हाथ लगा है जो शहर और देश के कुछ चुनिन्दा चार्टेड अकाउंटेन्ट के माध्यम से बोगस कम्पनी में पैसा लगाकर अपने धन को एक ही दिन में सारे नियमों को तोड़ कर सफेद करने में छुटे है। आयकर विभाग के एक सूत्र के अनुसार सिविल लाइंस स्थित रिच कैपिटल की इस डायरी के आधार पर विभाग शहर के सैकड़ों कर की चोरी करने वालों की किरेबान तक पहुंच गयी है। पिछले कई आयकर के छापों में रिच कैपिटल की इस डायरी ने विभाग को काफी राह दिखाई है।
डायरी में सामिल 293 नामों में करीब 1000 करोड़ रुपए के काले धन की जानकारी आयकर विभाग के पाय पहुंच गयी है और विभाग इस मामले में सरकार द्वारा चलाई जा रही आईडीएस स्कीम की समय सीमा का इंतजार कर रही है और इसके बाद काले धन के ऐसे कारोबारियो पर विभाग की जबरदस्त छापे मारी और कार्यवाही की योजना है।
विभाग के सूत्रों की माने तो बिरहाना रोड़ , आर्यनगर और शहर के कई बड़े सीए और आयकर सलाहकारों पर भी नजर है जो 2 से 5 प्रतिशत में काले धन को सफेद करने का काम करते आएं है। इसमें शहर के बड़े रियल स्टेट, पान मसाला, किराना व्यवसाय, मिठाई कारोबारी, लोहा कारोबारी, सर्राफा करोबारी के बड़े नाम सामिल है जिन्होंने फर्जी कम्पनी के माध्यम से 2 से 5 प्रतिशत कमीशन पर काले धन को सफेद करने का काम किया है।
हलांकि कानपुर के कारोबारियों में पिछले कई महिनों में आयकर विभाग द्वारा मारे गये छापे के मामले में इस डायरी का एक अहम योगदान रहा है औऱ सूत्रों की माने तो 293 नामों में विभाग को 1000 करोड़ रुपये का पता भी लग चुका है और ऐसे कारोबारियो पर स्कीम खत्म होने के बाद ताबड़तोड़ छापे मारी का दौर शुरू होगा। इसके अलावा विभाग के पास कई ऐसे नामों की लिस्ट है जो शहर के 4500 करोड़ के काले धन का पता लगा रही है और विभाग केवल आईडीएस स्कीम के समय के पूरा होने का इंतजार कर रही है।
Published on:
30 Aug 2016 11:32 am
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