
CBSE Board Exam Guidelines 2026 (Image-Freepik)
कटनी. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा इस वर्ष कक्षा 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का ऑनलाइन (डिजिटल) मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके तहत कॉपियों को एक अधिकृत एजेंसी के माध्यम से हाई-रिजॉल्यूशन स्कैन कर डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। परीक्षकों को प्रश्नवार कॉपी डिस्प्ले होगी, रेड पेन की जगह माउस से अंक दिए जाएंगे और माक्र्स ऑनलाइन फीड होंगे। सॉफ्टवेयर में प्रश्न भी पहले से उपलब्ध रहेंगे, जिससे जांच तेज और मानकीकृत होगी।
जिले में सीबीएसई के 4 सरकारी और 18 निजी स्कूल संचालित हैं। बोर्ड द्वारा कटनी में दो स्कैनिंग/अपलोड सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां उत्तरपुस्तिकाएं स्कैन होकर उसी दिन पोर्टल पर अपलोड होंगी। वैल्यूएशन सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई गई है, ताकि समय पर मूल्यांकन पूरा हो सके।
उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित स्टोर से स्कैनिंग सेंटर तक लाया जाएगा, हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनिंग होगी, डिजिटल पोर्टल पर अपलोड, एग्जामिनर लॉग-इन कर प्रश्नवार जांच करेंगे, ऑटोमैटिक टोटलिंग से मानवीय त्रुटि घटेगी। पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और री-चेकिंग में एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।
कटनी में भी सीबीएसई के सरकारी व निजी स्कूलों के लिए इसी मॉडल पर तैयारी है। मूल्यांकन लोकल स्कैनिंग+सेंट्रलाइज्ड डिजिटल जांच के संयोजन से होगा। बोर्ड ने सुनिश्चित किया है कि इंटरनेट स्पीड, सर्वर कैपेसिटी और बैकअप व्यवस्था पर्याप्त रहे।
हाई-क्वालिटी स्कैनरर एजेंसी-आधारित स्कैनिंग से मानक स्कैनर उपयोग होंगे। इंटरनेट/सर्वर, समर्पित लाइन व बैकअप, सेम-डे टाइमलाइन, सेंटर से स्कैनिंग तक तय शेड्यूल, अतिरिक्त स्टाफ, स्कैनिंग व आईटी सपोर्ट के लिए अतिरिक्त मानवबल, टेक्निकल ट्रेनिंग, मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों को शॉर्ट ट्रेनिंग, डेमो आदि कराने के साथ लगातार मूल्यांकनकर्ता शिक्षक को स्क्रीन के सामने बैठना होगा।
पहले कॉपियां ट्रांसपोर्ट होती थीं, समय लगता था और री-चेक में दिक्कतें आती थीं। अब समय की बचत, पारदर्शिता, री-चेकिंग में भरोसा और जल्दी परिणाम की संभावना बढ़ेगी। छात्र भी अपने परिणामों पर अधिक विश्वास कर पाएंगे। हालांकि बोर्ड ने कम्प्यूटर दक्ष शिक्षकों को ही मूल्यांकन में लगाया है। छात्रों का मानना है कि इससे निष्पक्षता बढ़ेगी और री-चेकिंग पर भरोसा मजबूत होगा। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार है और परिणाम जल्दी आने की उम्मीद है। अभिभावकों ने पारदर्शिता का स्वागत किया, हालांकि अतिरिक्त खर्च पर निगरानी की मांग की।
केंद्रीय विद्यालय एनकेजे के प्राचार्य पंकज जैन का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन से मानवीय त्रुटियां घटेंगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और री-चेकिंग आसान होगी। चुनौती से निपटने तकनीकी प्रशिक्षण, सर्वर स्थिरता और परीक्षकों की स्वास्थ्य-सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। यदि ये तीनों मजबूत रहे, तो यह प्रणाली शिक्षा में भरोसे की नई मिसाल बनेगी। कुल मिलाकर, डिजिटल मूल्यांकन की ओर यह कदम क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव है, जहां तैयारी के साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी है।
Updated on:
16 Feb 2026, 9:27 PM IST
Published on:
16 Feb 2026, 9:26 PM IST
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