
करौली बाबा एक बार फिर सुर्खियों में
बीते कई माह से विवादों में घिरे करौली बाबा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए है।आश्रम के कमरे से ग्रेटर नोएडा के एक कारोबारी का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। कारोबारी का नाम देवेंद्र सिंह भाटी है जो पांच दिन पहले ही आश्रम में योग साधना के लिए आए थे।
आश्रम के सेवादारों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग पर अड़ गए। डाक्टरों का पैनल गठित कर सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया।
सेवादारों ने दरवाजा तोड़ा तो पाया भाटी का शव
पांच दिन पहले आश्रम में योग साधना के लिए आए देवेंद्र सिंह भाटी का रविवार की सुबह करीब नौ बजे शव कमरे में पड़ा मिला। सेवादारों ने बताया कि ‘भाटी सुबह की सैर के बाद वापस कमरे में चले गए थे ,इसके बाद जब वो वापस नहीं आए तो आश्रम के सेवादारों ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक कोई जवाब ना मिलने पर आश्रम के सेवादारों ने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया कमरे में देवेंद्र पेट के बल फर्श पर पड़े हुए थे। सेवादारों ने चेक किया तो उनकी मौत हो चुकी थी।’
सुचना मिलने पर बिधनू थाने की पुलिस मौके पर वहीं पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जहां वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया गया।
आश्रम में मौत पर पुलिस का बयान
पुलिस के मुताबिक मृतक के बाएं पैर के अंगूठे में खरोंच थी। नाक से खून आ रहा था। दाहिने हाथ पर सलाइवा और खून के निशान मिले हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हो पायी है।
इस पूरे मामले पर पीड़ित परिवार ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने कहा कि इस मामले में परिवार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
बस स्टैंड में महिला को फेंक गए थे बाबा के सेवादार
बीते 21 अप्रैल को झकरकटी बस स्टैंड एक लावारिस महिला पड़ी हुयी पायी गयी थी। जिसे पुलिस ने उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया था। काफी खोजबीन के बाद महिला के पति रामकरन शर्मा को वह उर्सला अस्पताल में मिली।
रामकरन ने बताया कि ‘बांदा के बबेरू गांव के रहने वाले है। घर की सुख समृद्धि के लिए रामकरन ने करौली बाबा से ढाई लाख रूपये में यज्ञ कराया था। रामकरन ने बताया कि उनका परिवार करौली बाबा का भक्त था, जिस कारण पत्नी मैनादेवी आश्रम के भंडारे में निशुल्क खाना बनाने का कार्य करतीं थीं।
रामकरन ने बताया कि बीती 19 अप्रैल को मैनादेवी को आश्रम में छोड़ कर गए थे। 22 अप्रैल को वह आश्रम पहुंचे तो पत्नी नही मिली। पत्नी की जानकारी करने पर आश्रम के सेवादारों ने उन्हें वहां से भगा दिया था। रामकरन ने आरोप लगाया था कि पत्नी को आश्रम के सेवादारों ने तबियत बिगड़ने पर बेहोशी की हालत में फेंका था।’
नोएडा के डाक्टर के साथ की थी मारपीट
बीती 22 फरवरी को नोएडा निवासी डाक्टर सिद्धार्थ चौधरी परिजनों संग करौली बाबा के आश्रम में आए थे। आश्रम में बाबा के चमत्कार के प्रभाव को नकारने पर नाराज करौली बाब उर्फ संतोष भदौरिया के निर्देश पर उसके सेवादारों ने सिद्धार्थ के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बीती 19 मार्च को पुलिस कमिश्नर के आदेश पर करौली बाबा व उसके समर्थकों के खिलाफ बिधनू थाने में मुकदमा भी पंजीकृत हुआ था, हालांकि पुलिस ने इस मामले में करौली बाबा को क्लीन चिट दे दी।
Published on:
02 May 2023 02:10 pm

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