22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एनजीटी कमेटी के औचक निरीक्षण ने अधिकारियों की खोल के रख दी पोल

एनजीटी की ओर से बनाई गई गंगा प्रदूषण निगरानी समिति को निरीक्षण काफी समय से प्रस्तावित था. इस वजह से गंगा सफाई के लिए जिम्मेदार विभागों और अफसरों ने कमियों को छिपाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी हकीकत और कागजों पर की जा रही आंकड़ों की बाजीगरी निगरानी समिति की आंखों से छिप नहीं सकी.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Alok Pandey

•

Updated: 28 Oct 2018, 2:54 PM IST

Kanpur

एनजीटी कमेटी के औचक निरीक्षण ने अधिकारियों की खोल के रख दी पोल

कानपुर। एनजीटी की ओर से बनाई गई गंगा प्रदूषण निगरानी समिति को निरीक्षण काफी समय से प्रस्तावित था. इस वजह से गंगा सफाई के लिए जिम्मेदार विभागों और अफसरों ने कमियों को छिपाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी हकीकत और कागजों पर की जा रही आंकड़ों की बाजीगरी निगरानी समिति की आंखों से छिप नहीं सकी.

ज़ाहिर की निराशा
इस क्रम में बकरमंडी पंपिंग स्टेशन पहुंचते ही स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई और अधिकारियों के माथे पर पसीना आ गया. समिति ने अधिकारियों पर सवाल दर सवाल दागे तो खामोशी छा गई. बकरमंडी नाले में कूड़ा साफ करने के लिए एक युवक कार्य कर रहा था. जज ने कहा कि पूरे शहर का कूड़ा क्या यही साफ करता है. कमेटी के सदस्यों ने कानपुर में गंगा सफाई को लेकर किए गए कार्यों में काफी निराशा जाहिर की.

ऐसा कहा समिति अध्‍यक्ष ने
समिति अध्यक्ष अरुण टंडन ने कहा कि एनजीटी को पूरी रिपोर्ट देकर लापरवाही से अवगत कराया जाएगा. निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज सिंह, डीएम विजय विश्वास पंत, नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, सीपीसीबी के सदस्य सचिव आशीष तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा, जल निगम जीएम आरके अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

मांगा है समय
सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जज अरुण टंडन ने कहा कि उन्हें गलत रिपोर्ट ना दी जाए. इसके बाद उन्होंने टेनरी संचालकों के साथ बैठक में बताया कि 15 नवंबर तक टेनरी का गंगा में डिस्चार्ज जीरो रहेगा. किसी भी सूरत में क्रोमियम और अन्य वेस्ट गंगा में नहीं जाना चाहिए. टेनरी संचालकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि एनजीटी की 3 मई को दी गई गाइडलाइन को पूरा कर दिया गया है. बताया गया है कि सीईटीपी में लगी मोटर पूरी क्षमता से कार्य नहीं करती है. इसे बदला जाए. इसके अलावा कैंट के 3 नालों डबका, गोलाघाट और सत्तीचौरा नाले को बंद करने का सुझाव भी टेनरी संचालकों ने दिया. टेनरी संचालकों से जज अरुण टंडन ने कहा कि सभी चाहते हैं कि उद्योग बंद न हो और गंगा भी शुद्ध हो.