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सवा लाख वोटों से वंदना को हराकर प्रमिला चुनी गई कानपुर की मेयर

कानपुर में भाजपा ने दिखाया दम, 65 हजार का बढ़त के साथ प्रमिला ने मारी बाजी  

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pramila pandey

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कानपुर. विपक्ष के तमाम आरोपों के बाद भी भाजपा महापौर प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय करीब सवा लाख मतों से कांग्रेस प्रत्याशी वंदना मिश्रा को मात दे दी। प्रमिला पांडेय की जीत के बाद भाजपाईयों ने जमकर जश्न मनाया। एक-दूसरे को मिठाई के साथ गुलाल लगाकर जमकर डांस भी किया। हलांकि अभी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई। वहींएक बार फिर यह साबित हो गया कि भाजपा का गढ़ कहा जाने वाले कानपुर में पार्टी की अभी भी मजबूत पकड़ है। तो वहीं प्रमिला की जीत के साथ भाजपा लगातार तीसरी बार कानपुर महापौर पद पर कब्जा कर लिया। हालांकि इन तीन जीतों से पहले भी पहली बार सरला सिंह ने 1995 में पार्टी को जीत दिलाई थी।


13 प्रत्याशियों के बीच था मुकाबला


निकाय चुनाव में 13 मेयर और 1239 पार्षद प्रत्याशियों के वोटों की गिनती शुक्रवार को नौबस्ता गल्लामंडी में सुबह आठ बजे शुरू हुई। ज्यों-ज्यों गिनती का समय बढ़ता जा रहा है त्यो-त्यों भाजपा जीत की ओर अग्रसर दिखाई दे रही है। चौथे चरण तक भाजपा मेयर प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय कांग्रेस प्रत्याशी वंदना मिश्रा से करीब आठ हजार वोटों से आगे रहीं। हालांकि शुरुआत के एक घंटे में आए रूझानों के अनुसार भाजपा मेयर प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय व बसपा प्रत्याशी अर्चना निषाद में कुछ देर के लिए टक्कर देखने को मिली। लेकिन ज्यों ही गिनती आगे के चरणों की शुरू हुई भाजपा मेयर प्रत्याशी लगातार आगे बढ़ती जा रही हैं। तो दूसरे स्थान के लिए कांग्रेस प्रत्याशी वंदना मिश्रा भी लगी रहीं और यह क्रम अंतिम चरण तक जारी रहा। पांचवें राउंड की गिनती तक भाजपा प्रत्याशी को 77128 मत, कांग्रेस प्रत्याशी को 54527 मत, सपा प्रत्याशी माया रतन गुप्ता 25264 मत व चौथे स्थान पर बसपा की अर्चना निषाद 18953 मत पा चुकी थी। इसके साथ ही अंतिम परिणाम आने तक भाजपा प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय ने जबरदस्त बढ़त बनाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी वंदना मिश्रा को करीब सवा लाख मतों से मात दे दी।

तीन लाख के ऊपर मिले वोट


जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी का 322205 मत, कांग्रेस प्रत्याशी को 195311 मत, सपा प्रत्याशी माया रतन गुप्ता को 94163 मत व बसपा प्रत्याशी अर्चना निषाद को 6573 मतों से ही संतोष करना पड़ा। हालांकि अभी जीत का प्रमाण पत्र भाजपा प्रत्याशी को समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सका। प्रमिला की जीत के साथ यह साफ हो गया कि कानपुर में भाजपा के गढ़ पर विपक्षियों को सेंध लगाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। भारतीय जनता पार्टी मेयर पद पर चार बार चुनाव जीत चुकी है। जिसमें तीन बार लगातार है। जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी ने कहा कि कानपुर की जनता ने एक बार फिर राष्ट्रवादी पार्टी पर विश्वास किया हम उसके आभारी हैं।

37 जीते, कई बढ़त बनाए हुए


2012 के निकाय चुनाव में भाजपा के पास 27 पार्षद थे, जो 2017 में बढ़कर 50 के पार पहुंच सकते हैं। अधिकारिक तौर पर 110 में से भाजपा के 37 पार्षद प्रत्याशी जीत चुके हैं, वहीं कई वार्डो में अभी भी गिनती जारी है। वहीं कांग्रेस के 10 सपा के 8, बसपा के दो और निर्दलीय सहित अन्य दलों के 10 पार्षद चुनाव जीत चुके हैं। विधानसभा चुनाव में कानपुर की दस में से दसों सीटें बसपा हार गई थी। निकाय चुनाव में बसपा ने ब्राम्हण-दलित गठजोड़ के तहत पार्षद पद के लिए टिकट दिए, लेकिन मायावती को एक दांव भी उल्टा ही साबित हुआ। कानपुर में बसपा 110 में से अभी तक दो सीट जीत पाई है। बसपा नगर अध्यक्ष अंटू मिश्रा ने चुनाव परिणाम पर कहा कि पार्टी कानपुर में पहले ही कमजोर थी। निकाय चुनाव में हमने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। शाम तक सारे परिणाम आने के बाद इस पर मंथन किया जाएगा और जो भी कमियां होंगी उन्हें लोकसभा से पहले दूर कर लिया जाएगा।

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