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राष्ट्रप्रेम का ऐसा जज्बा नही देखा होगा, साइकिल लेकर निकल पड़े भारत के लोगों को पाठ पढ़ाने

नागराज मनोज कुमार की देशभक्ति की फिल्मों व गांधीवादी डॉ. एनएन सुब्बाराव से प्रेरित होकर साइकिल पर भारत भ्रमण करने के लिए निकले हैं।

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राष्ट्रप्रेम का ऐसा जज्बा नही देखा होगा, साइकिल लेकर निकल पड़े भारत के लोगों को पाठ पढ़ाने

कानपुर देहात-राष्ट्रप्रेम से बड़ा कुछ भी नही है। इसकी अलख जागने के बाद इंसान में नामुमकिन काम को भी मुमकिन करने का जुनून जाग उठता है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर्नाटक प्रांत के नागराज गौड़ा कर रहे हैं, जो लोगों को राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, पानी बचाओ-हरियाली बढ़ाओ, सद्भावना, सर्वधर्म समभाव, विश्व शांति, गोरक्षा आदि के लिए जागरूक करते हुए भारत भ्रमण पर निकले हैं। आठ प्रदेशों का भ्रमण करते हुए वे जब कानपुर देहात पहुंचे तो उन्होंने कुछ क्षण रुककर लोगों को राष्ट्र के प्रति पाठ पढ़ाया। दरअसल नागराज मनोज कुमार की देशभक्ति की फिल्मों व गांधीवादी डॉ. एनएन सुब्बाराव से प्रेरित होकर साइकिल पर भारत भ्रमण करने के लिए निकले हैं। उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर 2017 से उन्होंने अपनी साइकिल यात्रा शुरू की थी।

गांधी विचारधारा से हैं प्रेरित

दुल्हन की तरह सजी अपनी साइकिल पर विश्व शांति समेत अन्य संदेश लिखी तख्तियां लगाकर 55 साल के नागराज गौड़ा जिले के अकबरपुर पहुंचे। जो मूलतः कर्नाटक प्रदेश के हासन के रहने वाले हैं। यहां रुककर उन्होंने बताया कि मुंबई में रहने के दौरान वह गांधीवादी विचारधारा के डॉ. एनएन सुब्बाराव से काफी समय तक जुड़े रहे। उनकी भावना और विचारों से वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उनके अंदर वैराग्य जाएगा तो वे परिवार व मोहमाया छोड़कर संतों की शरण में चले गए। इसके बाद उन्होंने भारत भ्रमण कर लोगों में सर्वधर्म समभाव की अलख जगाने का वीणा उठा लिया।

इतने प्रांतों में अब तक हुई यात्रा

इसके बाद मुंबई से निकली उनकी साइकिल से भारत भ्रमण यात्रा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और यूपी के विभिन्न शहरों में अब तक हो चुकी है। रोजाना करीब 100 किमी यात्रा करने वाले नागराज शाम को मंदिर, आश्रम, गुरुद्वारा, आर्यसमाज, गांधी आश्रम, आरएसएस कार्यालय में ही ठहर जाते हैं। उन्होंने बताया उनका अगला पड़ाव कुंभ मेला और उसके बाद अगली दिशा में कूच करेंगे।

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