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सस्ते पैक का सपना टूटा, टीवी देखना बजट से बाहर, कम हो सकते हैं दर्शक

२५० रुपए में मिलने वाले चैनल के लिए अब ६०० रुपए होंगे खर्चदर्शक क्षमता घटने से रेट कम करने को मजबूर होंगे ब्राडकास्टर

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सस्ते पैक का सपना टूटा, टीवी देखना बजट से बाहर, कम हो सकते हैं दर्शक

कानपुर। पिछले माह टीवी दर्शक खुश थे, कि चलो अब ट्राई के नए नियम लागू होंगे और सिर्फ उसी चैनल के पैसे देने होंगे जो देखा जाएगा। इससे मंथली होने वाल खर्च भी घट जाएगा। लेकिन जब असलियत सामने आयी तो सस्ते पैक का सपना टूट गया। ट्राई ने नए नियमों से दर्शकों की जेब पर बोझ डाल दिया है। हालत यह हो गई है कि अब तक दर्शक जितने चैनल २०० से २५० रुपए में देख लेते थे अब उतने ही चैनल के लिए लगभग ६०० रुपए खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे में दर्शकों की संख्या कम होने की आशंका है।

फिक्स चार्ज का बोझ
बताया तो यह गया था कि जो चैनल देखना हो उसका ही पैसा देना होगा, पर यह नहीं पता था कि फिक्स चार्ज अलग से होगा। एक फरवरी से ट्राई ने टीवी चैनल को लेकर नियमों में बदलाव किए। जिसमें आपको एक बेस पैक तो लेना ही होगा, जिसके लिए १५३ रुपए महीना पड़ता है। इसमें आपको २२० फ्री टू एयर चैनल में १०० चैनल चुनने होंगे। इसमें कई विदेशी और पाकिस्तानी चैनल भी हैं। १५३ का न्यूनतम पैक लेने के बाद आप अगर किसी चैनल का पैक चुनते हैं तो उसका चार्ज अलग से होगा। यानि जितने रुपए में आप सारे चैनल देख रहे थे उतने में किसी एक पैकेज को ही चुन सकेंगे।

केबिल ऑपरेटर्स की चुनौती
ट्राई के नए नियमों से केबिल ऑपरेटरों के लिए दर्शकों की संख्या बरकरार रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। केबिल संचालकों का कहना है कि पहले २०० रुपए मंथली चार्ज लेकर भी बचत हो जाती थी, अब तो फ्री टू एयर का पैक ही १५३ रुपए का है। इससे केबिल ऑपरेटरों के सामने दर्शकों की संख्या कम होने से रोकना चुनौती बन जाएगा। दर्शकों की संख्या घटी तो केबिल चलाने का संकट पैदा होगा। सरकार की यह नीति फायदा की जगह नुकसान कर रही है।