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नकली बलैक फंगस इनजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार, खुद को बीजेपी नेता बताकर पुलिस पर गांठने लगा रौब…

यूपी के कानपुर में पुलिस ने एक एसयूवी से ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले 68 नकली इनजेक्शन बरामद किये हैं। दो लोग गिरफ्तार किये गए, जिनमें से एक ने खुद को बीजेपी नेता बताकर रौब गांठने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। उनपर रासुका के तहत कार्रवाईकी जाएगी।

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ब्लैक फंगस काा नकली इनजेक्शन संग पकड़े गए

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर. यूपी के कानपुर में पुलिस ने दोलोगों को ब्लैक फंगस के 68 नकली इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दो आरोपियों में ऐ एक ने खुद को बीजेपी नेता बताया और पुलिस वालों को वर्छी उतरवाने की धमकी भी दी। आरोपी की फोटो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। हालांकि पुलिस वाले उसके रौब में नहीं आए और नकली इंजेक्शन बेचने के आरोप में उसे पकड़कर थाने ले गई। इनजेक्शन प्रयागराज से लाया जाता था और उसे ये लोग घूम-घूमकर कानपुर समेत आसपास के जिलों में बेचते थे। ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने इनजेक्शन के सैंपल जांच के लिये भेजे हैं। आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने पुलिस टीम को ईनाम देने की घोषणा की है।


इन दिनों योगी सरकार के निर्देश पर सूबे में दवाओं और खासतौर से रेमडेसिवीयर और ब्लैक फंगस आदि के इनजेक्शन जैसी दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। ग्वालटोली पुलिस द्वारा गुरुवार की रात वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरानएक काली एसयूवी को रोकवाकर चेक किया गया तो उनके पास एमफोनेक्स कंपनी के इनजेक्शन बरामद हुए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रेम प्रकाश मिश्रा और ज्ञानेश शर्मा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से इनजेक्शन के अलावा 1.80 लाख रुपये, 5 मोबाइल और एक काले रंग की एसयूवी कार बरामद की है।


हालांकि पकड़े जाने के बाद एक आरोपी ने अपने आपको भाजपा का नेता बताते हुए पुलिस वालों पर रौब गांठने की कोशिश की। यहां तक कि पुलिस वालों को उनकी वर्दी उतरवा देने की धमकी तक दे डाली। कहा जा रहा है कि बीजेपी नेताओं के साथ उसके संबंध की गवाही उसके मोबाइल से मिली फोटोज से भी दे रही थीं। सोशल मीडिया पर भी बीजेपी नेताओं के साथ उसकी फोटो वायरल है। यह भी कहा जा रहा हे कि आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा में कार्यसमिति का भी सदस्य रह चुका है। पुलिस ने जो एसयूवी कार पकड़ी उसपर हाईकोर्ट लिखा हुआ था।


पूछताछ में यह बात सामने आई कि पकड़े गए नकली इनजेक्शन प्रयागराज से लाए जा रहे थे। आरोपियों ने भी कबूल किया कि इनजेक्शन नकली हैं। वो प्रयागराज से खरीदकर इसे कानपुर और आसपास के जिलों में बेचते थे। इसके लिये वो 11 से 15 हजार रुपये वसूलते थे। आरोपियों के मोबाइल से यह भी राज खुला कि वो प्रयागराज के कई मेडिकल स्टोर संचालकों से भी संपर्क में थे। पुलिस इस बात की जानकारी कर रही है कि नकली इनजेक्शन की खेप कैसे पहुंचती थी। पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिली हे कि इनका गिरोह पूरे यूपी में फैला है। अब पुलिस इस गिरोह की कमर तोड़ने की तैयारी में है। डीसीपी वेस्ट संजीव त्यागी ने मीडिया से कहा है कि प्रयागराज के मेडिकल स्टोर्स के नाम आने पर वहां छापेमारी की जा रही है।

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