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राज्यपाल रामनाईक ने दिया बड़ा बयान, अखिलेश से बेतहर है योगी सरकार

चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविधालय में शिवाजी के जीवन पर आधारित महाकाव्य नाटक जाणता राजा का मंचन देखने के लिए पहुंचे कानपुर, अखिलेश और योगी सरकार पर अपनी राय रखी

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राज्यपाल रामनाईक ने दिया बड़ा बयान, अखिलेश से बेतहर है योगी सरकार

कानपुर। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक बुधवार की देरशाम सीएएस स्थित चल रहे महानाट्य जाणता राजा को देखने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जाणता राजा की जमकर तारीफ की और कलाकरों व आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में योगी सरकार अच्छा काम कर रही है। पहले हम पत्र लिखकर सरकार को राय देते थे पर उनमें अमल नहीं होता था। वर्तमान सरकार को पत्र लिखे। हमारी कही गई सभी बातों को तवज्जो दी गई। राज्यपाल ने कहा कि पहले के मुकाबले अपराध में लगाम लगी है और प्रदेश विकास के पथ पर चल पड़ा है।

पत्रों को नहीं दी जाती थी तवज्जो
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविधालय में शिवाजी के जीवन पर आधारित महाकाव्य नाटक जाणता राजा का मंचन किया जा रहा है। इस महाकाव्य का मंचन देखने के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक कानपुर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने बीजेपी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा की जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थी तब मैं जनता के द्धारा आई शिकायतें व सुझाव उन तक पत्र के जरिए पहुंचाता था और वहीं काम मैं वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ करता हूं। पर दोनों सरकारों में फर्क है। पहले मेरे पत्रों का जवाब व सुझावों पर अमल नहीं होता था, जबकि योगी सरकार मेरे हर पत्र का जवाब देती है और शिकायतों का निराकरण करती है। राज्यपाल ने कहा जितने पत्र अखिलेश यादव जी को लिखा होगा उससे डेढ़ गुना ज्यादा पत्र उससे कम समय में सीएम योगी को लिखे हैं। इस बात की ख़ुशी है कि सीएम योगी मेरे हर पत्र का निराकरण जनता के दुख-दर्द को दूर कर रहे हैं।

अखिलेश ने किया इंकार, योगी ने मानी बात
राज्यपाल ने उदहारण के तौर पर बताया की उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस नहीं मनाया जाता था। मैंने उस दौरान अखिलेश यादव को पत्र लिखा की 21 राज्यों में स्थापना दिवस बनाया जाता है पर यूपी में इसकी शुरूआत अभी तक नहीं हुई। मैं चाहता हूं के आप भी अपने राज्य में इसे शूरू कराएं। पर अखिलेश यादव ने मेरा यह सुझाव नहीं माना। जनता ने सत्ता बदल दी और सीएम की कुर्सी पर योगी आदित्यनाथ बैठे तो मैने उन्हें यूपी महोत्सव कराए जाने को कहा। उन्होंने मेरी बात सुनी और प्रदेश में उत्सव का आगाज हो गया।

इलाहाबाद का बदला नाम
राज्यपाल ने कहा कि कई वर्षो से पहले प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था। मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र के इलाहाबाद का नाम फिर से प्रयागराज किए जाने का सुझाव दिया । मेरा ये सुझाव सीएम योगी आदित्यनाथ को याद था और उन्होंने इसको स्वीकार कर संगम की नगरी को पुराना नाम सम्मान के साथ वापस किया। राज्यपाल ने कहा कि किसी काम की तुलना करना अच्छा नहींं है लेकिन जो हो रहा है वह पहले से अधिक अच्छा है।